ग्रामीण हो गए हैं एकजुट, नगर निगम का ध्यान खींचा
जमशेदपुर : बालिगुमा में सरकारी जमीन का अतिक्रमण कर अवैध रूप से भवन बनाए जाने की शिकायत पर प्रशासनिक अधिकारियों ने भवन को सील कर दिया था, लेकिन सील तोड़कर फिर से निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। ऐसे में गांव के लोग परेशान हैं और वे गोलबंद भी हो गए हैं। उन्होंने इस दिशा में नगर निगम का ध्यान भी खींचा है और पहल करने की मांग की है।
डिमना नाले के किनारे, सुखना बस्ती क्षेत्र में मनोज सिंह की ओर से सरकारी जमीन पर अवैध कब्जाकर पक्का निर्माण कार्य किया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि जब डिमना डैम से पानी छोड़ा जाता है, तब अवैध निर्माण के इन घरों में पानी भर जाता है। इससे मिट्टी का कटाव होता है और घर ढहने का खतरा हमेशा बना रहता है। बावजूद यहां लगातार मरम्मत कर रहन-सहन जारी है। इससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।
मानगो नगर निगम और अंचल कार्यालय की ओर से संयुक्त जांच में यह साबित किया गया है कि जमीन सरकारी है। उसपर अवैध निर्माण हुआ है। बीपीएलई/जेपीएलई केस भी दर्ज है। नगर निगम की ओर से भवन को सील किए जाने के बावजूद सील तोड़कर पुनः निर्माण कार्य किया गया।
ग्रामीणों की चिंता अधूरे पड़े पुल को लेकर है। बालिगुमा को डिमना से सीधे जोड़ना था। पुल का तीन पाया बन चुका है, लेकिन चौथे पाया की जगह अतिक्रमण कर घर बना दिए जाने के कारण निर्माण कार्य अधर में लटक गया है। इस कारण हजारों ग्रामीणों को रोजाना लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना करना पड़ता है। स्कूली बच्चों, कामकाजी महिला-पुरुषों और बुजुर्गों को भारी परेशानी हो रही है। बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। सरकारी जमीन से अवैध निर्माण हटाने और अधूरा पड़े पुल का निर्माण कार्य कराने की मांग गांव के लोग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और मानगो नगर निगम के अधिकारियों का ध्यान इस दिशा में आकृष्ट कराया है।
