दिव्यांगजन सशक्तिकरण को पर्पल फेयर का आयोजन

जमशेदपुर : दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के सौजन्य से तथा समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र, रांची एवं जिला प्रशासन, पूर्वी सिंहभूम के संयुक्त तत्वावधान में झारखंड राज्य का प्रथम जिला स्तरीय पर्पल फेयर का आयोजन दिनांक बिरसा मुंडा टाउन हॉल, सिदगोड़ा, जमशेदपुर में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।

इस पर्पल फेयर का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनके हुनर के प्रदर्शन, रोजगार के अवसरों की जानकारी, सरकारी योजनाओं से जुड़ाव और समाज में समावेशिता को बढ़ावा देना था। यह कार्यक्रम “दिव्यांगजनों के लिए, दिव्यांगजनों द्वारा” की भावना के अनुरूप आयोजित किया गया, जिसमें आत्मनिर्भरता और समान अवसरों को प्राथमिकता दी गई।

कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन पूर्णिमा साहू, विधायक, जमशेदपुर पूर्वी-सह-राज्य दिव्यांगता सलाहकार बोर्ड सदस्य एवं श्री अभयनंदन अंबष्ट, राज्य निःशक्तता आयुक्त, झारखंड सरकार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। दोनों अतिथियों ने दिव्यांगजनों की भागीदारी और उनकी क्षमताओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की तथा भविष्य में इस प्रकार के आयोजनों को प्रोत्साहित करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर सी.आर.सी., राँची, जिला प्रशासन, सबल (टी.एस.एफ.), सक्षम के पदाधिकारी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में 600 से अधिक लोग दर्शक के रूप में सम्मिलित हुए, जिनमें दिव्यांगजन एवं उनके परिजन, स्कूलों के छात्र-छात्राएं, आंगनबाड़ी सेविकाएं, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, और जिला प्रशासन के अधिकारीगण शामिल थे।

कार्यक्रम में विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता से संबंधित लगभग 50 कलाकारों ने हिस्सा लिया, जिनमें शारीरिक रूप से अक्षम, दृष्टिबाधित, मूक-बधिर, बौद्धिक एवं ऑटिज्म स्पेक्ट्रम से जुड़े प्रतिभागी शामिल थे। इन कलाकारों ने मनमोहक नृत्य, संगीत, कवीता पाठ आदि प्रस्तुतियाँ दीं साथ ही दिव्यांगजनों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प और कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिससे उनके रचनात्मक कौशल का प्रदर्शन हुआ। सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा रोजगार, शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास से संबंधित जानकारी देने हेतु 12 स्टॉल लगाए गए। दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए खेलों का प्रदर्शन स्पेशल ओलंपिक भारत द्वारा किया गया तथा दिव्यांग बच्चों को आने वाले समय में इन खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित भी किया गया। कार्यक्रम में सी. आर.सी., राँची के सहयोग से एडिप एवं वयोश्री योजना के तहत श्रीमती पूर्णिमा साहू, माननीय विधायक, जमशेदपुर पूर्वी के कर कमलों द्वारा सांकेतिक रूप से 28 दिव्यांगजन एवं वृद्ध लाभार्थियों को सहायक यंत्र जैसे व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, नी बेस, एल. एस. बेल्ट, मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, ऑक्जीलरी क्लच वितरित किया गया। साथ ही सक्षम फाउंडेशन एवं ओ.एन.जी.सी. के सहयोग से दृष्टिहीन दिव्यांगजनों को टॉर्च इट द्वारा निर्मित 38 सारधी स्मार्ट केन और 30 ज्योति एआई स्मार्ट ग्लास वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त कई दिव्यांगजनों एवं वृद्धजनों का एडिप एवं वयोश्री योजना के तहत आंकलन किया गया।

विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा यह कार्यक्रम दिव्यांगजनों की प्रतिभा और आत्मबल का उत्कृष्ट उदाहरण है। हमें गर्व है कि झारखंड का पहला पर्पल फेयर हमारे क्षेत्र में आयोजित हुआ। प्रशासन और समाज को मिलकर ऐसे प्रयासों को सतत रूप से जारी रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि पर्पल फेयर समावेशिता और सशक्तिकरण का उत्सव है।

श्री अभयनंदन अंबष्ट, राज्य निःशक्तता आयुक्त ने कहा कि यह आयोजन दिव्यांगजनों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक सशक्त कदम है। हम भविष्य में झारखंड के अन्य जिलों में भी इस प्रकार के आयोजन करेंगे।

कार्यक्रम में स्पेशल ओलंपिक भारत, झारखंड शाखा द्वारा चार दिव्यांग खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने 2023 में बर्लिन में आयोजित पारा ओलंपिक में पदक प्राप्त किए थे। इस अवसर पर स्पेशल ओलंपिक भारत के सतवीर सिंह सहोता ने पारा ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के साथ अपने अनुभवों को दर्शकों के साथ साझा किया।

समेकित क्षेत्रीय कौशल विकास, पुनर्वास एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण केंद्र, रांची के निदेशक ने बताया कि कार्यक्रम स्थल को दिव्यांगजनों की आवश्यकता के अनुसार पूर्णतः सुलभ बनाया गया। मंच तक पहुंचने हेतु रैम्प, बाधा-मुक्त शौचालय और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई, जिससे सभी प्रतिभागी बिना किसी असुविधा के शामिल हो सकें। इस सफल आयोजन के पश्चात सी.आर.सी., राँची की योजना है कि आने वाले समय में झारखंड के अन्य जिलों में भी पर्पल फेयर आयोजित किए जाएँ, जिससे अधिकाधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हो सकें और उन्हें मुख्यधारा में समान रूप से भागीदारी का अवसर मिले।

कार्यक्रम का समापन अतिथियों के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। यह आयोजन न केवल दिव्यांगजनों के लिए एक उत्सव था, बल्कि समाज के लिए भी एक प्रेरणा बन गया। इस फेयर के माध्यम से यह संदेश गया कि समान अवसर, सुलभ वातावरण और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ दिव्यांगजन समाज के हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं। पर्पल फेयर एक कदम था, भविष्य की ओर जहाँ समानता, समावेशिता और गरिमा के साथ हर दिव्यांगजन अपने सपनों को साकार कर सके।

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