स्कूल का सेवा शिक्षण कार्यक्रम मासिक दान को प्रोत्साहित करता है
प्रमुख बिंदु:
- कक्षा 2 के छात्र मासिक योगदान के माध्यम से धन एकत्र करते हैं
- एकत्रित दान से जरूरतमंदों के लिए चार साइकिलें खरीदीं
- स्कूल के परोपकार शिक्षण कार्यक्रम का पहल हिस्सा
जमशेदपुर – कार्मेल जूनियर कॉलेज के कक्षा 2 के छात्रों ने अपनी मासिक बचत से वंचित बच्चों को साइकिलें दान कीं।
यह पहल प्रारंभिक परोपकारी पाठ को दर्शाती है। इस बीच, शिक्षकों ने संग्रह प्रक्रिया के दौरान छात्रों का मार्गदर्शन किया।
एक शिक्षा विशेषज्ञ ने कहा, “बच्चे अभ्यास के माध्यम से देना सीखते हैं।” इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम सामाजिक जागरूकता पैदा करता है।
छात्र भागीदारी
युवा छात्रों ने प्रत्येक माह नियमित रूप से योगदान दिया। इसके अलावा, वे दान प्रक्रिया में सक्रिय रूप से लगे हुए हैं।
“मासिक बचत वित्तीय योजना बनाना सिखाती है,” एक शिक्षक ने समझाया। इसके अलावा, छात्रों ने संसाधन प्रबंधन कौशल सीखा।
शैक्षिक प्रभाव
कार्यक्रम सीखने को समाज सेवा के साथ जोड़ता है। हालाँकि, इसका लाभ कक्षा शिक्षा से परे है।
शिक्षक व्यावहारिक परोपकार पाठ पर जोर देते हैं। इसके अलावा, छात्र सामुदायिक जुड़ाव का प्रत्यक्ष अनुभव करते हैं।
भविष्य की योजनाएं
इसी तरह की पहल छात्रों की भागीदारी को प्रोत्साहित करती है। इसके अलावा, अन्य वर्ग धर्मार्थ गतिविधियों की योजना बनाते हैं।
स्कूल नियमित रूप से देने की आदतों को बढ़ावा देता है। इस बीच, छात्रों में सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता विकसित होती है।
