कर विवादों से झारखंड सरकार के 2,385 करोड़ रुपये के राजस्व पर ताला
विभिन्न अदालतों में 2,000 से अधिक मामले लंबित होने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव है
प्रमुख बिंदु:
- टैक्स संबंधी कानूनी लड़ाई में फंसा 2,385 करोड़ रुपये का राजस्व
- उच्च न्यायालय 1,335 करोड़ रुपये के 521 मामलों को संभालता है
- पिछली निपटान योजना से 500 करोड़ रुपये की सफलतापूर्वक वसूली हुई
रांची- द झारखंड चल रहे कर विवादों में फंसे 2,385.39 करोड़ रुपये के कारण सरकार को राजस्व चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
अतिरिक्त आयुक्त की अदालत 1,555 लंबित मामलों को संभालती है। इस बीच, सर्वोच्च न्यायालय 38 उच्च-मूल्य वाले विवादों की निगरानी करता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”कानूनी देरी से राज्य की वित्तीय स्थिति पर काफी असर पड़ता है।” वाणिज्यिक कर विभाग त्वरित समाधान चाहता है।
न्यायालयवार वितरण
विभिन्न न्यायिक मंच इन कर मामलों की जांच करते हैं। इसके अलावा, प्रत्येक अदालत अलग-अलग मामलों को संभालती है।
एक कर विशेषज्ञ ने बताया, ”विभिन्न मंचों पर समाधान की गति अलग-अलग होती है।” इसके अतिरिक्त, उच्च न्यायालय 1,335 करोड़ रुपये के मामलों का प्रबंधन करता है।
पिछला निपटान सफलता
पिछली पहलों के सकारात्मक परिणाम दिखे। इसके अलावा एकमुश्त समाधान योजना कारगर साबित हुई।
इस योजना से पर्याप्त रकम वसूलने में मदद मिली। हालांकि, लगातार नए मामले सामने आते रहते हैं।
समाधान प्रयास
वित्त मंत्री पुनर्प्राप्ति पहल का नेतृत्व करते हैं। इसके अलावा, अधिकारी सक्रिय रूप से निपटान विकल्पों का पता लगाते हैं।
नियमित समीक्षा बैठकें प्रगति पर नज़र रखती हैं। इस बीच, विभाग बातचीत के माध्यम से विवाद समाधान को प्रोत्साहित करता है।
