रघुबर दास ने उत्सव सभा की मेजबानी की, लोगों को शुभकामनाएं दीं
प्रमुख बिंदु:
- झारखंड के पूर्व सीएम ने अपने आवास पर मनाई मकर संक्रांति.
- दास ने समर्थकों के साथ पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया और शुभकामनाएं दीं।
- उन्होंने महोत्सव और प्रयागराज महाकुंभ के महत्व पर प्रकाश डाला।
जमशेदपुर – मकर संक्रांति पूरे जमशेदपुर में उत्सव का माहौल लेकर आई, क्योंकि सभी क्षेत्रों के लोगों ने इस अवसर को उत्साह के साथ मनाया। पूर्व झारखंड मुख्यमंत्री रघुबर दास ने अपने आवास पर एक सभा की मेजबानी की, जिसमें पारंपरिक रीति-रिवाजों और दावतों के साथ त्योहार मनाया गया।
दास ने अपने समर्थकों के साथ दही, चपटा चावल (चूड़ा), तिल की मिठाई (तिलकुट), और तिल के लड्डू (तिल के लाई) जैसे उत्सव के व्यंजनों का आनंद लिया। उन्होंने झारखंडवासियों को मकर संक्रांति, टुसू और पोंगल की हार्दिक शुभकामनाएं दीं.
परंपरा में गहराई से निहित एक त्योहार
मकर संक्रांति के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए, दास ने कहा कि इसे झारखंड में “टुसु” के रूप में व्यापक रूप से मनाया जाता है। उन्होंने इस अवसर से जुड़े सांप्रदायिक सद्भाव और पारंपरिक उत्साह की प्रशंसा की।
महाकुंभ 2025 का महत्व
पूर्व सीएम ने प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के कारण इस वर्ष के समारोहों के अतिरिक्त महत्व पर जोर दिया। उन्होंने इस आयोजन में वैश्विक भागीदारी पर गर्व व्यक्त किया, जिसने भारत और विदेशों से आगंतुकों को आकर्षित किया।
हार्दिक शुभकामनाएँ और एकता
दास ने शुभकामनाएं देते हुए कहा, “यह त्योहार एकता और परंपरा के बंधन को मजबूत करता है। मैं झारखंड के लोगों और महाकुंभ में आने वाले आगंतुकों को शुभकामनाएं देता हूं।” उनका उत्सव उत्सव सांस्कृतिक गौरव और सद्भावना का मिश्रण था।
