महाकुंभ 2025: दिव्य, भव्य और डिजिटल, श्रद्धालुओं के लिए हाई-टेक इंतजाम
आधुनिक तकनीक और सुरक्षा उपायों के साथ प्रयागराज में महाकुंभ 2025 की तैयारियां, 13 जनवरी से 26 फरवरी तक, दुनिया को नई धार्मिक और डिजिटल पहचान देंगी।

प्रयागराज के महाकुंभ में आधुनिक तकनीक और एआई से सुसज्जित सुरक्षा और सुविधाओं ने इसे श्रद्धालुओं के लिए सुखद और परेशानीमुक्त बनाया है। ड्रोन निगरानी और विशेष मोबाइल ऐप्स यात्रियों को अद्भुत अनुभव देंगे।
नए वर्ष में 13 जनवरी से 26 फरवरी यानी 45 दिन तक चलने वाले महाकुंभ के लिए प्रयागराज में श्रद्धालुओं की सुरक्षा से लेकर उनकी सहूलियत तक के लिए जो इंतजाम किए गए हैं, वो सचमुच इस बात की तसदीक करते हैं कि यह महाकुंभ दिव्य, भव्य और डिजिटल है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से भारतवर्ष के सबसे बड़े धार्मिक समागम महाकुंभ को हाई टेक बना दिया गया है। आईए जानते हैं कुछ चौंकाने वाली बातें। ये बातें चौंकाने के साथ-साथ इस बात का संतोष भी देती हैं कि महाकुंभ प्रवास किसी श्रद्धालु के लिए परेशानी का सबब नहीं बनेगा।
महाकुंभ में सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं जिसके तहत 100 मीटर पानी के नीचे और जमीन से 120 मीटर ऊपर निगरानी करने में सक्षम ड्रोन की तैनाती की जाएगी।
महाकुंभ के दौरान पहली बार संगम क्षेत्र में पानी के नीचे ड्रोन तैनात किए जाएंगे और ‘टेथर्ड ड्रोन’ हवाई क्षेत्र से रक्षा करेंगे। जनवरी 2024 में अयोध्या में राम मंदिर में मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान जिस ड्रोन रोधी प्रणाली को पहली बार तैनात किया गया था, उसका इस्तेमाल महाकुंभ के दौरान भी किया जाएगा।
पानी के नीचे नजर रखने वाले ये ड्रोन संभवत: चौबीसों घंटे निगरानी करेंगे और ये कम रोशनी में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकते हैं। यह अत्याधुनिक ड्रोन 100 मीटर तक गोता लगा सकता है और कन्ट्रोल सेंटर को तुरंत रिपोर्ट भेज सकता है।
अगर आप प्रयागराज के बारे में कुछ नहीं जानते हैं और आपको महाकुंभ में स्नान के लिए संगम नगरी आना है तो आपको घबराने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है । आप अपने स्मार्टफोन पर ही प्रयागराज की सारी जानकारियां प्राप्त कर सकेंगे। एक क्लिक पर आपको महाकुंभ से जुड़ी एक-एक जानकारी मिल जाएगी, अपने मोबाइल फोन के स्क्रीन पर। किस ट्रेन के जरिए आप प्रयागराज पहुंच सकते हैं? किस ट्रेन से वापसी होगी ? यहां तक कि ट्रेन किस प्लेटफार्म पर रुकेगी? प्रयागराज में आप क्या-क्या चीज देख सकते हैं? प्रयागराज में परिवहन की क्या सुविधा है? रेलवे स्टेशन से आप मेला क्षेत्र तक कैसे जाएंगे? ये सारी जानकारियां मोबाइल ऐप पर और साथ-साथ विशेष रूप से डेवलप की गई वेबसाइट पर भी उपलब्ध होंगी
इतना ही नहीं आप महाकुंभ से जुड़ी तस्वीरें भी इस मोबाइल एप्लीकेशन पर देख सकेंगे। जरूरी अपडेट्स भी इसी मोबाइल एप्लीकेशन पर आपको मिलते रहेंगे।
महाकुंभ के लिए भारतीय रेलवे ने पहले टोल फ्री नंबर जारी किया और अब मोबाइल एप्लीकेशन और वेबसाइट भी लॉन्च कर दिया है। मोबाइल ऐप पर ट्रेनों की समय सारिणी, टिकट बुकिंग, स्टेशन से मेला क्षेत्र तक पहुंचने के मार्ग और रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मिलेगी।
प्रयागराज के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की जानकारी भी मोबाइल ऐप पर ही मिल जाएगी। इससे श्रद्धालुओं को अपना टूर प्लान करने में बहुत मदद मिलेगी। मोबाइल ऐप पर आपातकालीन नंबर भी होंगे जिन पर डायल कर श्रद्धालु जरूरी सुविधा मदद मांग सकते हैं। यात्रियों को टिकट के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ेगा वह मोबाइल ऐप से ही टिकट की बुकिंग कर सकेंगे। मोबाइल ऐप पर वेटिंग रूम, रेस्ट रूम, पीने के पानी की व्यवस्था जैसी सुविधाओं के बारे में हिंदी और अंग्रेजी दोनों में जानकारी मिल जाएगी। कुंभ रेल सेवा नमक एप वेबसाइट श्रद्धालुओं का स्मार्ट साथी बनेगा। ध्यान रहे मोबाइल ऐप का नाम है कुंभ रेल सेवा ऐप और इसी नाम यानी कुंभ रेल सेवा अप नाम से पोर्टल लॉन्च किया गया है। पोर्टल पर कुंभ मेला क्षेत्र के पास के रेलवे स्टेशनों और शटल सेवाओं की जानकारी उपलब्ध होगी। इसके अलावा कुंभ मेला क्षेत्र तक पहुंचने में लगने वाला अनुमानित समय और सुरक्षा से जुड़ी चेतावनियां भी रहेगी।
देश विदेश से आने वाले 40 करोड़ (अनुमानित संख्या) श्रद्धालुओं के स्वागत सत्कार के लिए प्रयागराज जैसे पलक पांवड़े बिछाए बैठा है। जय हो दिव्य, भव्य डिजिटल महाकुंभ।

