प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन ने सेवा गतिविधियों के साथ मनाया स्थापना दिवस
भोजन, चिकित्सा सहायता और रक्तदान अभियान के साथ मानवता को समर्पित स्थापना दिवस
प्रमुख बिंदु:
– पीएसएफ ने जुगसलाई अंत्योदय भवन के 50 निवासियों के लिए भोजन के साथ अपना स्थापना दिवस मनाया
– जरूरतमंदों को मेडिकल सामग्री, साड़ियां और कंबल बांटे गए
-रक्तदान शिविर आयोजित, 25 यूनिट व 5 एसडीपी दान एकत्रित
जमशेदपुर – प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन (पीएसएफ) ने शुक्रवार को अपना स्थापना दिवस मानवीय सेवा को समर्पित करके मनाया। टीम ने जुगसलाई में नव जाग्रत मानव समाज कुष्ठ आश्रम (अंत्योदय भवन) के 50 निवासियों को भोजन परोसा और जरूरतमंद मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराईं।
फाउंडेशन ने वंचित व्यक्तियों को साड़ियाँ और कंबल भी वितरित किए। दो घंटे का रक्तदान शिविर आयोजित किया गया, जिसमें एमवी प्रसाद, अवधेश कुमार वर्मा, मृणाल साहू, ज्योति प्रकाश और आशीष अग्रवाल सहित स्वयंसेवकों से 25 यूनिट रक्त और पांच सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) दान एकत्र किया गया।
शाम को जमशेदपुर ब्लड सेंटर में एक समारोह का आयोजन कर उनकी स्मृति का सम्मान किया गया बिरसा मुंडा और अर्शनंदन, एक स्थानीय निवासी, जिनका कोलकाता में बोन मैरो ट्रांसप्लांटेशन (बीएमटी) हुआ है।
बड़े पैमाने पर एसडीपी दान अभियान के आयोजन सहित अर्शनंदन के समर्थन में पीएसएफ के प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। पीएसएफ के निदेशक अरिजीत सरकार के नेतृत्व में और एमटीएमएच प्रशासक अमिताभ चटर्जी और जमशेदपुर ब्लड सेंटर के जीएम संजय चौधरी द्वारा समर्थित इस पहल ने सफलतापूर्वक जमशेदपुर से कोलकाता तक जीवन रक्षक एसडीपी दान प्रदान किया, जिससे अर्शनंदन को एक नया जीवन मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के पुष्पहार और शॉल ओढ़ाकर स्वागत के साथ हुई, इसके बाद केक काटने की रस्म और दीप प्रज्ज्वलन हुआ।
100 बार के रक्तदाता कुमारेश हाजरा और किशोर साहू, भगवान सिंह और रविशंकर जैसे अन्य उल्लेखनीय योगदानकर्ताओं सहित प्रमुख रक्तदाताओं और पीएसएफ सदस्यों को शॉल, स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र से सम्मानित किया गया।
मुख्य उपस्थित लोगों में मेजर राजेश अरुण, ब्लड सेंटर की अध्यक्ष रुचि नरेंद्रन, सचिव नलिनी राममूर्ति, डॉ. रीता सिंह और डॉ. विजय मोहन सिंह और वीबीडीए के संस्थापक सुनील मुखर्जी जैसे सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे।
