सांसद सुखदेव भगत पर लोगों को असंवैधानिक तरीके से भड़काने का आरोप
वित्त मंत्री का दावा, सांसदों की कार्रवाई कांग्रेस और भारतीय संविधान का उल्लंघन
प्रमुख बिंदु:
• डॉ.रामेश्वर उराँव ने पार्टी बैठक में सांसद सुखदेव भगत के आचरण की आलोचना की
• आगामी विधानसभा चुनाव में स्थानीय उम्मीदवार की मांग को लेकर विवाद
• वित्त मंत्री ने सांसदों की नारेबाजी को संवैधानिक सिद्धांतों के खिलाफ माना
लोहरदगा – लोहरदगा जिले में हुई कांग्रेस पार्टी की बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों में स्थानीय उम्मीदवार की मांग को लेकर विवाद छिड़ गया।
लोहरदगा विधायक और राज्य के वित्त मंत्री डॉ. रामेश्वर उरांव ने सांसद सुखदेव भगत पर पार्टी कार्यकर्ताओं को अनुचित तरीके से भड़काने का आरोप लगाया।
राजेंद्र भवन कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बैठक उस समय हंगामेदार हो गई जब भगत ने स्थानीय उम्मीदवार का मुद्दा उठाया।
उरांव ने दृढ़तापूर्वक कहा, “स्थानीय उम्मीदवार के लिए नारेबाजी करना भारतीय और कांग्रेस दोनों के संविधान के खिलाफ है।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक संसद सदस्य का ऐसा व्यवहार अशोभनीय एवं अनुचित है।
पार्टी के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा, “राजनीतिक मतभेद सामान्य बात है, लेकिन बैठकों के दौरान लोगों को भड़काना अस्वीकार्य है।”
उरांव इस मामले पर सीधे जनता को संबोधित करने की योजना बना रहे हैं।
वित्त मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सभी कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी के प्रयासों में योगदान देते हैं।
उरांव ने कहा, “मैं भी लोगों के पास जाऊंगा। यहां बैठे हम सभी कांग्रेस कार्यकर्ता हैं।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हालांकि सभी लोग पार्टी के लिए काम करते हैं, लेकिन एक सांसद की भूमिका में भड़काऊ कार्य शामिल नहीं होने चाहिए।
इस घटना से स्थानीय कांग्रेस इकाई में दरार पैदा हो गई है।
उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व जल्द ही आंतरिक संघर्ष का समाधान करेगा।
राजनीतिक विश्लेषक इसे आगामी चुनावों में कांग्रेस के लिए एक संभावित चुनौती के रूप में देख रहे हैं।
झारखंड की राजनीति में स्थानीय उम्मीदवारों की मांग एक विवादास्पद मुद्दा बनी हुई है।
