हेमंत सोरेन ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया, पार्टी को बाहर करने की कसम खाई
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर झारखंड में सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने और कल्याणकारी योजनाओं में बाधा डालने का आरोप लगाया
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया और आगामी चुनावों में पार्टी को राज्य से बाहर करने की कसम खाई।
रांची – मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करने और विपक्ष के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया तथा आगामी चुनावों में उन्हें सत्ता से बाहर करने की कसम खाई।
गुमला जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। ‘आपकी सरकार, आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में सोरेन ने गुमला और लोहरदगा जिलों के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की 347 परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
सोरेन ने आरोप लगाया कि सत्ता पाने के लिए भाजपा अनैतिक तरीकों का सहारा लेती है। उन्होंने दावा किया, “यहां तक कि जब लोग उन्हें नकार देते हैं, तब भी वे विधायकों और सांसदों को अपने पाले में कर लेते हैं, विपक्षी नेताओं के खिलाफ ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग करते हैं या सरकार बनाने के लिए उन्हें जेल में डाल देते हैं।”
मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी की दृढ़ता पर विश्वास व्यक्त करते हुए कहा, “हम न तो बिकाऊ हैं और न ही डरे हुए हैं। जैसे मछली पानी के बिना जीवित नहीं रह सकती, वैसे ही हमारा विपक्ष भी सत्ता के बिना ऐसा ही महसूस करता है।”
सोरेन ने भाजपा पर सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए दूसरे राज्यों से नेताओं को लाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “जब झारखंड में स्थानीय भाजपा नेता विफल हो गए, तो उन्होंने सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए छत्तीसगढ़, असम, गुजरात और मध्य प्रदेश से नेताओं को लाना शुरू कर दिया।”
जेएमएम नेता ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में बाधा उत्पन्न कर रही है। सोरेन ने कहा, “वे हमारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।” उन्होंने आगामी चुनावों में “झारखंड से हमारे विपक्ष को हमेशा के लिए बाहर निकालने” की कसम खाई।
सोरेन ने भाजपा पर आदिवासी विरोधी होने का आरोप लगाते हुए कहा, “इन लोगों ने सदियों से आदिवासियों और पिछड़े समुदायों का शोषण किया है। अब जब हम मंत्री और मुख्यमंत्री बन रहे हैं, तो वे असहज हो रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के प्रयासों पर प्रकाश डाला, जिसमें मुख्य रूप से 50 लाख लोगों को मुख्य रूप से धन हस्तांतरित करना शामिल है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि विपक्षी सदस्यों ने इस पहल के खिलाफ अदालत में मामला दायर किया है।
सोरेन ने रोजगार नीतियों पर भाजपा के रुख की आलोचना करते हुए अपने भाषण का समापन किया तथा आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों बनाम झारखंड में इसी प्रकार के कानूनों के प्रति उनका दृष्टिकोण दोहरा है।
