जमशेदपुर के व्यापारी मशाल मार्च के साथ बाजार समिति शुल्क का विरोध करेंगे
एससीसीआई और व्यापार मंडल ने प्रस्तावित खाद्यान्न कर के खिलाफ प्रदर्शन किया
जमशेदपुर का व्यापारिक समुदाय झारखंड सरकार की खाद्यान्न पर बाजार समिति शुल्क लगाने की योजना का विरोध करने के लिए एकजुट हो गया है।
जमशेदपुर – सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एससीसीआई) और व्यापार मंडल एक सितंबर को खाद्यान्न पर प्रस्तावित बाजार समिति शुल्क के विरोध में मशाल जुलूस निकालेंगे।
विरोध मार्च शाम छह बजे चैंबर भवन से शुरू होकर बिष्टुपुर मेन रोड तक जाएगा।
एससीसीआई के अध्यक्ष विजय आनंद मूनका और मानद महासचिव मानव केडिया ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन की घोषणा की।
मूनका ने इस विधेयक के जरिए व्यापारियों को डराने की सरकार की कोशिश पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने चेतावनी दी कि व्यापारिक समुदाय प्रस्तावित शुल्क के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए तैयार है।
मूनका ने कहा, “यह काला कानून न केवल व्यापारिक हितों को नुकसान पहुंचाएगा, बल्कि आम जनता पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालेगा, जिसे हम बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
चैंबर ने विधेयक वापस लिए जाने तक विरोध जारी रखने की कसम खाई।
उपाध्यक्ष अनिल मोदी एवं सचिव भरत मकानी ने जमशेदपुर के सभी थोक एवं खुदरा खाद्यान्न व्यापारियों के साथ-साथ व्यवसायिक संगठनों को मशाल जुलूस में शामिल होने का निमंत्रण दिया।
उन्होंने सरकार को स्पष्ट संदेश भेजने के लिए मजबूत एकता के प्रदर्शन के महत्व पर बल दिया।
प्रस्तावित शुल्क का विरोध करने के लिए चैंबर द्वारा आयोजित एक बैठक के दौरान जुलूस निकालने का निर्णय लिया गया।
