बारीडीह में सवर्ण युवाओं ने बनाई ‘सवर्ण सेना’
नए संगठन का लक्ष्य सवर्णों को एकजुट करना और उनकी चिंताओं का समाधान करना
सवर्ण सेना की स्थापना सवर्ण अधिकारों की वकालत करने और आर्थिक आधारित आरक्षण की मांग को आगे बढ़ाने के लिए की गई थी।
जमशेदपुर – बारीडीह में सवर्ण युवाओं की एक बैठक में ‘सवर्ण सेना’ का गठन किया गया, जो एक नया संगठन है जिसका उद्देश्य सवर्णों को एकजुट करना और उनकी चिंताओं को दूर करना है।
सोमवार शाम को ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार और कायस्थ समुदायों के प्रतिनिधियों ने सामान्य वर्ग को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर चर्चा करने के लिए बैठक की।
बैठक में सर्वसम्मति से सवर्ण सेना के गठन का निर्णय लिया गया तथा अभिषेक पांडे को इसका अध्यक्ष चुना गया।
अन्य प्रमुख पदों पर हर्ष सिंह को महासचिव, सौरभ पाठक को संगठन सचिव और ऋषभ श्रीवास्तव को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए अभिषेक पांडे ने जाति आधारित आरक्षण के कारण सामाजिक सद्भाव पर पड़ने वाले प्रभाव पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने आरक्षण निर्धारित करने में आर्थिक मानदंड का तर्क देते हुए कहा, “यदि गरीबी जाति के आधार पर भेदभाव नहीं करती, तो आरक्षण क्यों करे?”
पांडे ने सवर्णों की चिंताओं का समाधान किए बिना उनका शोषण करने के लिए राजनीतिक दलों की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों में पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों और अल्पसंख्यकों के विपरीत सवर्णों के लिए विशेष विंग का अभाव है।
नवगठित संगठन की योजना सभी सवर्णों को एक बैनर तले एकजुट कर उनके अधिकारों और हितों की वकालत करने की है।
बैठक में प्रभात सिंह, सुजल सिंह, प्रेम कुमार झा और शिवम दुबे सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
कार्यक्रम का समापन हर्ष सिंह के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
