जमशेदपुर में बारिश कम हुई; बांध से पानी छोड़े जाने से बाढ़ का खतरा बरकरार
बांध के गेट खुलने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ने पर जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है।
जमशेदपुर सहित कोल्हान में रुक-रुक कर हो रही बारिश बंद हो गई है, लेकिन प्रमुख नदियां उफान पर हैं, जिसके कारण जिला प्रशासन को चांडिल बांध के चार गेट खोलने पड़े हैं।
जमशेदपुर- जमशेदपुर समेत कोल्हान में पिछले चार दिनों से जारी बारिश थम गई है, लेकिन प्रमुख नदियों का जलस्तर अब भी ऊंचा है।
प्रतिक्रियास्वरूप जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर चांडिल बांध के चार गेट खोल दिए हैं, जिससे तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। जमशेदपुर.
बाढ़ जोखिम और निकासी आदेश
जिला प्रशासन ने बाढ़ के बढ़ते खतरे के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है।
जमशेदपुर से होकर बहने वाली स्वर्णरेखा और खरकई नदियां खतरनाक स्तर के करीब पहुंच गई हैं।
स्वर्णरेखा का खतरे का स्तर 121.50 मीटर है, जो वर्तमान में खतरे के निशान से लगभग 5 मीटर नीचे है, जबकि खरकई का खतरे का स्तर 129 मीटर है, जो वर्तमान में खतरे के निशान से लगभग 2 मीटर नीचे है।
जल उत्सर्जन और प्रभाव
चांडिल डैम से लगभग 3500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके पांच से छह घंटे में जमशेदपुर पहुंचने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है।
