कैमरून से वापस आने वालों के लिए सरकारी योजनाएं
झारखंड के मुख्यमंत्री ने वापस भेजे गए श्रमिकों की सहायता के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अफ्रीका के कैमरून से लौटे 27 प्रवासी मजदूरों के लिए व्यापक सहायता की पहल की।
रांची – झारखंड सरकार ने वापस लौटे प्रवासी श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं में शामिल करने के लिए त्वरित कार्रवाई की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार ने कैमरून से 27 लाख वापस लाए गए प्रवासी श्रमिकों को विभिन्न सरकारी कल्याण कार्यक्रमों में शामिल करने का निर्देश दिया है।
इन योजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए संयुक्त श्रम आयुक्त राजेश प्रसाद को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने कहा, “हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि इन श्रमिकों को हर संभव सहायता मिले।”
प्रसाद को 72 घंटे के भीतर संबंधित जिलों का दौरा कर स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय करने तथा कार्य योजना तैयार करने का कार्य सौंपा गया है।
श्रम आयुक्त प्रगति की दैनिक समीक्षा करेंगे और उच्च अधिकारियों को सीधे रिपोर्ट देंगे।
यह पहल उन श्रमिकों की सफल स्वदेश वापसी के बाद की गई है, जिन्होंने कैमरून में वेतन विवाद और कठिन जीवन स्थितियों के कारण सरकारी मदद मांगी थी।
मुख्यमंत्री सोरेन के हस्तक्षेप के परिणामस्वरूप प्रभावित श्रमिकों को लगभग 30 लाख रुपये का बकाया वेतन वसूल किया गया।
झारखंड पहुंचने पर प्रत्येक लौटे मजदूर को तत्काल वित्तीय सहायता के रूप में 25,000 रुपये मिल चुके हैं।
