मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सामने एनटीए की जान बचाई: डॉ. अजय कुमार
पूर्व सांसद ने फैसले की आलोचना की, पेपर लीक की जिम्मेदारी पर सरकार के रुख पर सवाल उठाए
नीट यूजी 2024 की पुनः परीक्षा का आदेश न देने के सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के मद्देनजर, परीक्षण प्रक्रिया की अखंडता और पूरे भारत में इच्छुक मेडिकल छात्रों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चिंताएं जताई गई हैं।
जमशेदपुर – जमशेदपुर के पूर्व सांसद डॉ. अजय कुमार ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा नए सिरे से नीट यूजी परीक्षा का आदेश नहीं देने के फैसले पर केंद्र सरकार की आलोचना की है।
उन्होंने अदालत में कथित पेपर लीक मामले से निपटने के सरकार के तरीके पर भी चिंता जताई।
डॉ. अजय कुमार, वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद ने अदालत के फैसले पर असंतोष व्यक्त किया और कहा कि सरकार लाखों छात्रों के हितों की रक्षा करने में विफल रही है।
उनके अनुसार, पुनर्परीक्षा से देश के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल कायम होगी और उन छात्रों को न्याय मिलेगा, जो इस मुद्दे पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।
कुमार के अनुसार, इस निर्णय से परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा वे इस अपराध को दोहराने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
उन्होंने विद्यार्थियों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर दिए जाने के महत्व पर बल दिया।
कुमार ने मोदी सरकार से कथित पेपर लीक के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों का सार्वजनिक रूप से खुलासा करने का आह्वान किया है।
उन्होंने शुरू से ही सरकार पर आरोप लगाए और दावा किया कि वे राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।
पूर्व सांसद के अनुसार, यह फैसला एनटीए और नीट यूजी परीक्षा प्रक्रिया दोनों में जनता के विश्वास को कमजोर कर सकता है।
मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ इस निष्कर्ष पर पहुंची कि परीक्षा के संचालन में कोई प्रणालीगत उल्लंघन नहीं हुआ।
उनके बयान के अनुसार, उपलब्ध आंकड़े प्रश्नपत्र के व्यापक स्तर पर लीक होने का संकेत नहीं देते हैं।
कुमार ने तर्क दिया कि जांच एजेंसियों ने अदालत के समक्ष सटीक तथ्य प्रस्तुत नहीं किए।
उन्होंने अदालत के फैसले पर निराशा व्यक्त की तथा कहा कि इसका छात्रों के मनोबल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
नीट यूजी 2024 परीक्षा ने राष्ट्रीय परीक्षाओं की अखंडता और समानता पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है, जिसके महत्वपूर्ण परिणाम होंगे।
