सुप्रियो भट्टाचार्य ने चुनाव आयोग के राज्य के पहले दौरे पर सवाल उठाए
पार्टी का दावा है कि संभावित समयपूर्व चुनावों से नौकरी वितरण योजना बाधित हो सकती है।
रांची – झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने दावा किया है कि जल्द विधानसभा चुनाव कराकर राज्य सरकार को बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है।
भट्टाचार्य ने समय पर सवाल उठाते हुए कहा, “चुनाव आयोग के अधिकारी झारखंड का दौरा कर रहे हैं और शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकें कर रहे हैं।”
उठाए गए मुख्य बिंदु:
– झारखंड उन चार राज्यों में शामिल है जहां इस साल चुनाव होने वाले हैं
– सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर तक जम्मू-कश्मीर में चुनाव कराने का निर्देश दिया
– पतरातू रिसॉर्ट में आयोजित ईसी बैठकों पर चिंता
भट्टाचार्य ने चल रही सरकारी पहलों पर प्रकाश डाला:
– 1500 पीजीटी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरित
– न्यायिक, शैक्षिक, स्वास्थ्य और पुलिस पदों को भरने की योजना
– आगामी महीनों में एक लाख नौकरियां उपलब्ध कराने का लक्ष्य
प्रवक्ता ने दावा किया, ‘‘ईडी और सीबीआई के बाद अब सरकार को अस्थिर करने के लिए चुनाव आयोग का इस्तेमाल किया जा रहा है।’’
झामुमो ने धार्मिक आयोजनों और कृषि गतिविधियों में संभावित व्यवधान के संबंध में अपनी चिंता व्यक्त की।
भट्टाचार्य ने झारखंड में मानसून में देरी और सूखे की चिंता का जिक्र किया।
यह बयान इस बात का संकेत है कि राज्य में समय से पहले चुनाव होने की संभावना के चलते राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है।
