जुगसलाई ने बल्क जेनरेटरों द्वारा ऑन-साइट अपशिष्ट प्रबंधन पर जोर दिया
नगर परिषद की बैठक में खाद बनाने और टिकाऊ प्रथाओं पर जोर दिया गया
स्थानीय प्रतिष्ठानों से स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों के अनुरूप गीले कचरे का निपटान परिसर में ही करने का आग्रह किया गया।
जमशेदपुर – जुगसलाई नगर परिषद ने अपने कार्यालय सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें थोक अपशिष्ट उत्पादकों के बीच अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं में सुधार लाने पर ध्यान केंद्रित किया गया।
जुगसलाई नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने कहा, “हमारा उद्देश्य जुगसलाई को टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक मॉडल बनाना है।”
मुख्य निर्देश
प्रतिदिन 50-100 किलोग्राम गीला कचरा उत्पन्न करने वाले थोक उत्पादकों को साइट पर ही कम्पोस्ट बनाने की प्रक्रिया लागू करनी होगी।
सूखा कचरा परिषद द्वारा उपलब्ध कराए गए डोर-टू-डोर संग्रहण वाहनों को सौंप दिया जाना चाहिए।
निपटान को सुव्यवस्थित करने के लिए स्रोत पर अपशिष्ट पृथक्करण को अनिवार्य बनाने पर बल दिया गया।
प्रतिभागी एवं उपस्थित लोग
होटल, रेस्तरां, अस्पताल, विवाह भवन और आवासीय सोसायटियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
उल्लेखनीय उपस्थितियों में होटल राज रसोई, एबी पैलेस, रॉयल मैरिज हॉल और गुरुद्वारा प्रबंध समिति शामिल थे।
नगर प्रबंधक और स्वच्छता विशेषज्ञ सहित प्रमुख नगरपालिका अधिकारियों ने चर्चा में भाग लिया।
टिकाऊ प्रथाएँ
समग्र अपशिष्ट न्यूनीकरण के लिए 3R सिद्धांत (कम करें, पुनः उपयोग करें, पुनः चक्रित करें) को बढ़ावा दिया गया।
होटलों और विवाह हॉलों में शून्य अपशिष्ट कार्यक्रम आयोजित करने की रणनीतियों पर चर्चा की गई।
खाद्य अपशिष्ट और सब्जी के छिलकों सहित जैविक अपशिष्ट के प्रबंधन पर विस्तृत दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
यह पहल स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) 2.0 के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य स्वच्छ शहरी वातावरण बनाना है।
बैठक में अपशिष्ट निपटान में चुनौतियों पर बातचीत को बढ़ावा दिया गया तथा हितधारकों के बीच सहयोगात्मक समाधान को प्रोत्साहित किया गया।
