शैंकी यादव हत्याकांड में भाई संदीप कुमार यादव ने दी गवाही
प्रत्यक्षदर्शियों के बयान से शैंकी यादव पर हुए क्रूर हमले और हत्या का खुलासा
पीड़ित शैंकी यादव के भाई संदीप कुमार यादव ने 1 अक्टूबर, 2020 को जमशेदपुर के उलीडीह खारिया बस्ती के पास हुए क्रूर हमले और हत्या के बारे में अदालत में गवाही दी।
जमशेदपुर – शैंकी यादव हत्याकांड के छोटे भाई व सूचक संदीप कुमार यादव ने मंगलवार को अदालत में गवाही दी।
एडीजे-4 आनंद मणि त्रिपाठी की अदालत में संदीप ने एक अक्टूबर 2020 की शाम का घटनाक्रम सुनाया।
संदीप ने बताया कि वह शाम छह बजे डिमना ट्रांसपोर्ट नगर स्थित साइबर एंटरप्राइजेज में थे, तभी उन्होंने गोलियों की आवाज सुनी।
कार्यालय की छत पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि राजेश सिंह, रोहन सिंह, शुभम सिंह, दीपक लोहार, शेखर दीक्षित और मिथिलेश शैंकी यादव का पीछा कर रहे थे और उस पर ईंट-पत्थरों से हमला कर रहे थे।
शैंकी के गिरने के बाद हमलावरों ने बेसबॉल के बल्लों और पत्थरों से उस पर हमला जारी रखा।
इसके बाद राजेश सिंह ने अपनी टाटा सफारी कार से शैंकी को तीन बार कुचल दिया।
संदीप ने तुरंत अपनी मां को फोन किया और कहा कि जाकर देखो कि उन्होंने क्या कर लिया है। मारे गए उनका भाई।
कुछ ही देर बाद उसकी मां और बहन घटनास्थल पर पहुंचे, उसके बाद संदीप भी वहां पहुंचा, जिसने अपने भाई को मृत पाया।
जिरह के दौरान संदीप ने बताया कि शैंकी ने सिवान स्थित उनके गांव जाने के लिए बस का टिकट खरीदा था, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि शैंकी किस बस से जाने वाला था।
उन्होंने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उनसे कोई पूछताछ नहीं की।
संदीप ने यह भी बताया कि सभी आरोपी उनकी कॉलोनी में ही रहते थे, इसलिए वह उन्हें पहले से जानता था।
घटनास्थल उनके कार्यालय से लगभग 10-15 मीटर की दूरी पर था।
एफआईआर में संदीप ने बताया कि घटना वाली शाम शैंकी गांव के लिए निकला था।
उनके अनुसार, राजेश सिंह, रोहन सिंह, शुभम सिंह, दीपक लोहार, शेखर दीक्षित और मिथिलेश सहित आरोपियों ने बालीगुमा के पास से टाटा सफारी और स्कूटी से शैंकी का पीछा किया और अंततः खारिया कॉलोनी के पास उसे पकड़ लिया।
उन्होंने बताया कि इसके बाद उन्होंने उसे कुचलकर मार डाला और उसे फंसाने के लिए उसके सामने दो पिस्तौलें फेंक दीं।
उनके अनुसार, इसका मकसद हत्या शैंकी का राजेश और रोहन के साथ झगड़ा हुआ था, जिन्होंने पहले शैंकी और दीपक को जान से मारने की धमकी दी थी।
इस मामले में शुभम सिंह, चंद्रशेखर रक्षित, रोहन सिंह, उत्तम लोहार उर्फ दीपू उर्फ विश्वकर्मा, राजेश सिंह और संतोष तिवारी उर्फ मिथिलेश आरोपी हैं।
