Firing in Jamshedpur Court: कोर्ट के बाहर हत्याकांड के आरोपी पर फायरिंग, पुलिस की मौजूदगी के बावजूद आराम से फरार हो गए हमलावर
– गवाही देकर निकले नवीन पर गेट नंबर तीन के पास चलायी गोली, बाल-बाल बचा
जमशेदपुर : सिविल कोर्ट परिसर फिर रक्तरंजित होने से बच गया. सोमवार दोपहर करीब 1.15 बजे कोर्ट के गेट नंबर 3 (ह्यूमपाइप गुरुद्वारे की तरफ) पर बाइक सवार अपराधियों ने हत्याकांड के आरोपी नवीन कुमारपर दो गोलियां दाग दी. संयोग से इस हमले में वह बाल-बाल बच गया. नवीन सिदगोड़ा में हुए मनप्रीत सिंह हत्याकांड का आरोपी है. उधर गोली चलने की घटना के बाद कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई. लोग इधर उधर भागने लगे. घटना के वक्त पुलिस कर्मी भी वहां तैनात थे. लेकिन वे लोग जबतक घटना के बारे में समझ पाते फायरिंग करनेवाले बाइक से होकर फरार हो गए.
बताया जाता है कि नवीन कुमार के खिलाफ एडीजे 2 कोट में सोमवार को मनप्रीत सिंह हत्याकांड की सुनवाई की तिथि निर्धारित थी. नवीन कोर्ट में सुबह करीब 11 बजे पहुंच गया था. कोर्ट की सुनवाई में वकील के माध्यम से अपनी हाजिरी दी थी. कोर्ट में नवीन के विरुद्ध आरोप गठित किया जाना था, लेकिन इसी केस में अन्य अभियुक्त सलमान द्वारा डिस्चार्ज फाइल किया गया था. तकनीकी कारणों से नवीन पर आरोप गठित नहीं हो पाया था.
दोपहर में नवीन जैसे ही कोर्ट से बाहर निकला तभी गेट नंबर तीन के पास एक बाइक पर सवार दो युवकों में से एक ने उसपर दो गोली चला दी. उन्होंने बताया गनीमत रही कि गोली नवीन को नहीं लगी. उधर गोली चलने की घटना के बाद कोर्ट के अधिवक्ताओं ने कोर्ट परिसर में सुरक्षा की गुहार लगाई है.
सूचना पाते ही सीतारामडेरा थाना प्रभारी अखिलेश मंडल मौके पर पहुंचे और नवीन से पूछताछ की. उसने पुलिस को बताया कि एक मामले में कोर्ट में उसकी तारीख थी. कोर्ट में प्रस्तुत होने के बाद वह बाइक से अपने घर जा रहा था. तभी गेट नंबर तीन के बाहर एक व्यक्ति, जिसने अपना मुंह बांधा हुआ था, ने अचानक फायरिंग कर दी. हालांकि भागने के क्रम में वह (नवीन) जमीन पर गिर पड़ा. फायरिंग के समय एक सुरक्षाकर्मी भी वहां था. संयोग से वह भी बाल-बाल बच गया.
मनप्रीत हत्याकांड का आरोपी है नवीन
नवीन सिंह सिदगोड़ा में हुए मनप्रीत सिंह हत्याकांड का आरोपी है. गत आठ जून को सिदगोड़ा के एग्रिको में मनप्रीत सिंह के घर के अंदर घुसकर अपराधियों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद नवीन ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. कुछ दिन पहले ही उसे जमानत मिली थी.
कोर्ट परिसर में उपेंद्र सिंह की हुई थी हत्या
बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं था, जब कोर्ट में गोलीबारी की घटना हुई है. इससे पूर्व गैंगस्टर अखिलेश के गुर्गों ने कोर्ट परिसर में बागबेड़ा निवासी व रेलवे पर्किंग के ठेकेदार रहे उपेंद्र सिंह की हत्या 30 नवंबर 2018 को कर दी थी. इससे पूर्व उपेंद्र सिंह के गुर्गों ने भी कोर्ट परिसर में गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया था. जिसके बाद कोर्ट की सुरक्षा बढ़ाई गई मगर फिर भी अपराधी सारी सुरक्षा व्यवस्था को धत्ता बताते हुए सोमवार को गोली चालन की घटना को अंजाम देने में सफल रहे.
