शारदामणि गर्ल्स हाई स्कूल की नौवीं कक्षा की छात्रा जीवन की लड़ाई हार गयी
घायल छात्रा ने छठे दिन टीएमएच में दम तोड़ा, परिजनों में मायूसी, डीसी ने कहा परिवार को हर सहायता मिलेगी, टीएमएच की सुरक्षा बढ़ायी गयी
स्कूल की आरोपी शिक्षिका न्यायिक हिरासत में हैं, प्राचार्या भी निलंबित हो चुकी हैं
जमशेदपुर: अंततः गुरूवार को जमशेदपुर के शारदामणि गर्ल्स हाई स्कूल के कक्षा नौवीं की छात्रा ऋतु मुखी ने छठे दिन टाटा मुख्य अस्पताल में दम तोड़ दिया। चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बाद भी ऋतु को नहीं बचाया जा सका।
उधर, ऋतु के मौत के बाद टीएमएच की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जिले के तमाम आला अधिकारी टीएमएच में कैंप कर रहे हैं।

बता दें कि बीते शनिवार को चीटिंग के शक में शिक्षिका ने कथित रूप से स्कूल में छात्रा के कपड़े उतरवाए थे, जिससे आहत होकर छात्रा ने घर पहुंच कर खुद को आग के हवाले कर दिया था।
लगभग 90 फ़ीसदी जल चुकी ऋतु को टाटा मुख्य अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
जिला प्रशासन एवं सरकार के तमाम प्रयासों के बाद भी ऋतु को बचाया नहीं जा सका।
उधर, दोषी शिक्षिका को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है, जबकि स्कूल की प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है।
घटना के बाद परिजनों में मायूसी छा गई है। हालांकि परिजन जिला प्रशासन और सरकार के प्रयासों से संतुष्ट थे, मगर नियति को कौन टाल सकता है।
ऋतु अब इस दुनिया में नहीं रही।

इस संबंध में जानकारी देते हुए जमशेदपुर उपायुक्त विजया जाधव ने बताया, कि छात्रा का रात में ही पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
इसके लिए मेडिकल बोर्ड का गठन किया गया है। छात्रा के परिजनों को हर जरूरी सुविधा मुहैया कराई जाएगी। वहीं छात्रा की मां ने बताया कि जिस तरह से उसकी बेटी ने दम तोड़ा है, उसके दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
इससे पहले, विगत रविवार को जमशेदपुर उपायुक्त विजया जाधव टाटा मुख्य अस्पताल पहुंची थीं और छात्रा का कुशलक्षेम जान था।
इस दौरान उपायुक्त ने अस्पताल के चिकित्सकों से ऋतु के स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें हर जरूरी सहायता मुहैया कराने का आश्वासन दिया।
उपायुक्त विजया जाधव ने बताया था कि मामले पर राज्य के मुख्यमंत्री ने खुद संज्ञान लिया है और जरूरत पड़ने पर छात्रा को बड़े अस्पताल भी ले जाया जाएगा।
पर नियति को कुछ और ही मंजूर था। अंततः छठवें दिन ऋतु मुखी ने दम तोड़ दिया।
