जमशेदपुर : पश्चिम सिंहभूम जिले के विभिन्न प्रखंडों में सात दिनों में 17 लोगों की मौत के बाद जागा प्रशासन। हालिया घटना जिले नोवामुंडी में जंगली हाथी ने सात लोगों को मार डाला। इतना ही नहीं आधा दर्जन लोग घायल भी हुए हैं जिनका उपचार चल रहा है। विभाग का मानना है कि एक ही हाथी है जो लोगों को परेशान कर रहा है। बार-बार यह भी कहा जा रहा है कि हिंसक हाथी पर नजर रखी जा रही है पर लोगों की मौत का सिलसिला जारी है। वन विभाग हालात काबू में होने का दावा कर रहा है कि लेकिन गुरुवार को पहुंचने वाली टीम और वनतारा परियोजना की विशेषज्ञ टीम के आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
वन विभाग लोगों से सतर्क रहने का आग्रह कर रहा है लेकिन विभाग तो मूकदर्शक ही है। निरीह ग्रामीणों की मौतों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। इधर विभाग के सचिव अबु बकर सिद्ख ने प्रधान मुख्य संरक्षक वाइल्ड लाइफ सहित संबंधित अधिकारियों को घटना स्थल पर जाकर जांच करने का आदेश दिया है। उन्होंने यह भी कहा है कि वाइल्ड लाइफ इंस्टीच्यूट, देहरादून की टीम पहुंचने वाली है। जल्द ही स्थिति को नियंत्रित कर लिया जाएगा। दूसरी ओर जिन इलाकों में मौतें हुई हैं , वहां के लोगों में दहशत है।
हाथी के हमले में मृत ग्रामीण : हाटगम्हरिया के पिपरी हेंब्रम, नोवामुंडी के मंगल बोबोंगा, गुरुचरण लागुरी, मुंगडु मेराल, दमयंती मेराल, जोलोको कुई एवं सनातन मेराल।
घायलों की सूची : गोमेया लागुरी, हिंदू लागुरीमुरा लारेया एवं सुशीला मेराल।
