बिदादी भूमि अधिग्रहण विवाद पर निखिल कुमारस्वामी का कर्नाटक सरकार पर हमला, राहुल गांधी से हस्तक्षेप की मांग

बेंगलुरु, 17 जून (आईएएनएस)। जनता दल (सेक्युलर) की युवा शाखा के प्रदेश अध्यक्ष निखिल कुमारस्वामी ने कर्नाटक सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेंगलुरु के निकट स्थित बिदादी क्षेत्र में किसानों की उपजाऊ जमीन को जबरन अधिग्रहित किया जा रहा है और इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हस्तक्षेप कर किसानों के हितों की रक्षा करनी चाहिए।

निखिल कुमारस्वामी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि कुछ दिन पहले उन्होंने राहुल गांधी को पत्र लिखकर बिदादी में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को रोकने की मांग की थी। उन्होंने दावा किया कि अब तक सैकड़ों स्थानीय किसानों ने भी सीधे राहुल गांधी को पत्र लिखकर अपनी पीड़ा, नाराजगी और चिंता व्यक्त की है।

जेडी(एस) नेता निखिल कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि प्रभावित लोगों में 80 प्रतिशत से अधिक छोटे किसान, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के लोग शामिल हैं। उनके अनुसार, राज्य सरकार 33,000 करोड़ रुपये की लागत वाले एक बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के लिए उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण करना चाहती है। इस प्रक्रिया में ‘भूमि अधिग्रहण कानून, 2013’ की भावना और प्रावधानों की अनदेखी की जा रही है।

उन्होंने राहुल गांधी से सवाल करते हुए कहा कि यदि वह देशभर में किसानों के अधिकारों की आवाज उठाते हैं, तो उन्हें कर्नाटक के किसानों के मुद्दे पर भी स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। निखिल ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व को अपनी ही सरकार के कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और किसानों की जमीन के जबरन अधिग्रहण को तुरंत रोकना चाहिए।

एक अन्य पोस्ट में निखिल कुमारस्वामी ने बेंगलुरु विकास मंत्री के रूप में कृष्णा बायरे गौड़ा को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी। हालांकि, उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा कि मंत्री पद की घोषणा का 12 दिन का इंतजार सिल्क बोर्ड जंक्शन के मशहूर ट्रैफिक जाम जैसा महसूस हुआ।

उन्होंने कहा कि नवनियुक्त मंत्री के सामने एक चुनौतीपूर्ण स्थिति है क्योंकि विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी तो उन्हें दी गई है लेकिन शहरी नियोजन से जुड़े महत्वपूर्ण विभागों और संस्थाओं का नियंत्रण मुख्यमंत्री के पास ही है। इसके बावजूद उन्होंने कृष्णा बायरे गौड़ा के प्रशासनिक अनुभव और पूर्व में राजस्व विभाग में किए गए सुधारों की सराहना की।

निखिल कुमारस्वामी ने सुझाव दिया कि बेंगलुरु के विकास के लिए फिलहाल सबसे अधिक ध्यान कचरा प्रबंधन, सीवेज व्यवस्था और जल निकासी तंत्र को मजबूत करने पर दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान शहरवासियों को भव्य परियोजनाओं से ज्यादा साफ-सुथरी सड़कें, बेहतर ड्रेनेज और प्रभावी सीवेज सिस्टम की जरूरत है। उनके अनुसार यदि इन बुनियादी समस्याओं का समाधान हो जाए, तो बेंगलुरु के नागरिकों के जीवन स्तर में बड़ा सुधार आ सकता है।

एससीएचपीएम

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