चार आरोपी अनुपस्थित, अदालत ने बयान के लिए नई तिथि निर्धारित की
जमशेदपुर की अदालत ने 2017 के लिंचिंग मामले में कार्यवाही स्थगित कर दी, भविष्य में अनुपस्थित रहने वालों के लिए गिरफ्तारी वारंट की चेतावनी दी।
जमशेदपुर – कुख्यात नागाडीह मॉब लिंचिंग मामले में जमशेदपुर कोर्ट की सुनवाई को मंगलवार को झटका लगा।
चार आरोपी एडीजे-1 विमलेश कुमार सहाय की अदालत में पेश नहीं हुए, जिससे धारा 313 के तहत बयान दर्ज करने में बाधा उत्पन्न हुई।
अदालत ने सभी प्रतिवादियों को कड़ी चेतावनी जारी करते हुए सुनवाई की तिथि 6 जुलाई निर्धारित कर दी है।
न्यायाधीश सहाय ने इस बात पर जोर दिया कि अगली तारीख पर अनुपस्थित रहने वाले किसी भी आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया जाएगा।
18 मई 2017 का यह मामला नागाडीह में चार व्यक्तियों की नृशंस हत्या से जुड़ा है। बागबेरा.
पीड़ित विकास वर्मा, गौतम वर्मा, उनकी दादी रामसखी देवी और सहयोगी गंगेश गुप्ता को बच्चा चोरी के संदेह में पीट-पीटकर मार डाला गया।
पुलिस की मौजूदगी के बावजूद यह घटना घटी और भीड़ ने पुलिस वाहन पर भी हमला किया।
मृतक के भाई उत्तम वर्मा ने महत्वपूर्ण गवाही दी जिसके आधार पर बागबेड़ा पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई।
इस मामले में स्थानीय मुखिया राजाराम हांसदा और कई अन्य सहित 26 नामजद आरोपी हैं।
कुछ संदिग्ध अभी भी फरार हैं, जिससे कानूनी कार्यवाही जटिल हो गई है।
इस बहुचर्चित मामले में अदालत ने अब तक 19 गवाहों की गवाही सुनी है।
इस घटना ने भीड़ द्वारा न्याय के खतरों को उजागर किया तथा क्षेत्र में सार्वजनिक सुरक्षा पर चर्चा को जन्म दिया।
