चांडिल : सरायकेला-खरसावां जिले के वन विभाग अंतर्गत चांडिल रेंज के केहमसादा स्थित एनएच-33 किनारे बने होटल वन पलासी में शनिवार को उस समय हलचल मच गई, जब एक हिरण अचानक होटल परिसर में घुस आया। हिरण को देखते ही होटल कर्मियों और वहां मौजूद लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। लोग अचानक सामने आए हिरण को देखकर हैरान रह गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हिरण ज्यादा देर तक होटल परिसर में नहीं रुका। कुछ समय तक परिसर में घूमने के बाद वह बाहर निकल गया और एनएच-33 पार कर गांव की ओर चला गया। तेज रफ्तार वाहनों के बीच हिरण को सड़क पार करता देख लोगों की चिंता बढ़ गई थी, हालांकि राहत की बात यह रही कि वह सुरक्षित रूप से सड़क पार कर गया।
घटना की सूचना होटल संचालक द्वारा तुरंत वन विभाग को दी गई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
होटल वन पलासी के संचालक बुद्धेश्वर मार्डी ने बताया कि करीब 20 वर्षों बाद ऐसा दृश्य देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि पहले गांव और घरों के आसपास हिरणों की मौजूदगी बेहद कम दिखाई देती थी, लेकिन अब हिरण आबादी वाले क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं, जो वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष विशु शिकार लगभग नहीं के बराबर हुआ है, जिसका असर अब दिखाई देने लगा है। लोगों में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ी है और इसका सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है।
बुद्धेश्वर मार्डी ने वन विभाग की सराहना करते हुए कहा कि विभाग लगातार वन्यजीव संरक्षण के लिए कार्य कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वन विभाग को और सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि जंगली जानवरों के आबादी क्षेत्र में आने के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो और वन्यजीवों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सके।
यह घटना जंगल और आबादी क्षेत्र के बीच बढ़ते संपर्क को भी दर्शाती है। स्थानीय लोगों का मानना है कि वन्यजीवों की सुरक्षित मौजूदगी पर्यावरण संतुलन और संरक्षण प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है।
