जमशेदपुर में 41 बटुकों का सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार सम्पन्न, हजारों की मौजूदगी में हुआ भव्य आयोजन
जमशेदपुर : ब्रह्मर्षि विकास मंच के तत्वावधान में आयोजित अष्टम सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार के दूसरे दिन सोमवार (20 अप्रैल 2026) को 41 बटुकों का विधि-विधान से यज्ञोपवीत संस्कार सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर बच्चों के परिजनों के साथ-साथ ब्रह्मर्षि समाज के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 6 बजे से हुई, जिसमें घृतधारी, मुंडन, भिक्षाटन सहित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। वहीं संध्या समय प्रवचन और आरती का आयोजन किया गया। पूरे आयोजन में जमशेदपुर से हजारों की संख्या में ब्रह्मर्षि समाज के लोगों की भागीदारी रही।
समारोह में बच्चों को आशीर्वाद देने के लिए चतरा के सांसद कालीचरण सिंह, पूर्व आईजी लक्ष्मण सिंह, संरक्षक राम प्रकाश पांडेय, अध्यक्ष रामनारायण शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। मंचीय कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम और स्वामी सहजानंद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलित कर की गई।
मुख्य अतिथि कालीचरण सिंह ने अपने संबोधन में यज्ञोपवीत संस्कार के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ब्रह्मर्षि समाज ने शास्त्र और शस्त्र दोनों में संतुलन बनाकर समाज में विशिष्ट स्थान हासिल किया है। उन्होंने समाज के उन महान व्यक्तित्वों को भी याद किया, जिन्होंने देश के विकास में अहम योगदान दिया, जिनमें बैकुंठ शुक्ल, श्रीकृष्ण सिंह, योगेंद्र शुक्ल, रजत शर्मा और अभिनेता पंकज त्रिपाठी शामिल हैं। उन्होंने ब्रह्मर्षि विकास मंच के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकजुट करने और परंपराओं को सहेजने में सहायक होते हैं।
पूर्व आईजी लक्ष्मण सिंह ने ब्रह्मर्षि समाज की कर्मठता और अनुशासन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह समाज जहां भी जाता है, अपनी अलग पहचान छोड़ता है।
कार्यक्रम में जिले के सभी पदाधिकारी, विभिन्न इकाइयों के अध्यक्ष एवं सदस्य सहित बड़ी संख्या में आम लोग उपस्थित रहे। मातृ शक्ति की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिनके द्वारा समय-समय पर मंगल गीत प्रस्तुत किए गए।
इस आयोजन को सफल बनाने में महासचिव मुकेश शर्मा, प्रमोद ठाकुर, श्रीनिवास ठाकुर, शशि सिंह, सुनील पांडेय, रजनीश पांडेय, मनोज ठाकुर, कुंदन, संजीव ओझा, विजय नारायण, सुधीर सिंह, गोपाल ठाकुर, रविंद्र पांडेय, संजय सिंह, नवीन कुमार, महेश तिवारी, कामेश्वर तिवारी, वीरेंद्र सिंह, राजेश कुमार सिंह, कृष्णकांत पांडेय और राजीव सिंह सहित अनेक कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
