कोलकाता में ED की बड़ी रेड, पुलिस अधिकारी और कारोबारी के ठिकानों पर छापा
मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की कार्रवाई, पुलिस अधिकारी के कारोबारी से संबंधों की जांच
कोलकाता पुलिस के उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास के ठिकानों पर छापेमारी
बेहाला में कारोबारी जॉय कामदार के परिसर की भी तलाशी
‘सोना पप्पू’ उर्फ बिस्वजीत पोद्दार से जुड़े मामले में कार्रवाई
पहले की रेड में करोड़ों नकद, गहने और हथियार बरामद
आरोपी पोद्दार फरार, ईडी के समन के बावजूद नहीं हुआ पेश
कोलकाता : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के तहत रविवार को कोलकाता में बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और कारोबारी ठिकानों पर छापेमारी की। एजेंसी ने कोलकाता पुलिस के उपायुक्त शांतनु सिन्हा बिस्वास से जुड़े परिसरों के साथ-साथ एक व्यवसायी के ठिकानों को भी खंगाला।
जानकारी के अनुसार, बालीगंज स्थित बिस्वास के आवास समेत उनसे जुड़े दो ठिकानों और बेहाला इलाके में सन एंटरप्राइज के प्रबंध निदेशक जॉय कामदार के परिसर पर तलाशी ली गई। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत की गई, जिसमें केंद्रीय बलों की टीम भी ईडी के साथ मौजूद रही।
यह पूरा मामला कुख्यात अपराधी बिस्वजीत पोद्दार उर्फ ‘सोना पप्पू’ और उसके गिरोह से जुड़ा है। पोद्दार पर हत्या के प्रयास, वसूली और अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं।
इससे पहले 1 अप्रैल को भी ईडी ने इसी मामले में छापेमारी की थी, जिसमें 1.47 करोड़ रुपये नकद, करीब 67.64 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और एक देसी रिवॉल्वर बरामद किया गया था। जांच एजेंसी के मुताबिक, पोद्दार और उसके सहयोगी संगठित आपराधिक गिरोह के जरिए अवैध तरीके से धन जुटाते थे।
बताया जा रहा है कि पोद्दार गोलपार्क के पास कंकुलिया रोड पर हुई हिंसा के मामले में भी वांछित है और फिलहाल फरार है। ईडी ने उसे समन जारी किया है, लेकिन वह अब तक जांच में शामिल नहीं हुआ है।
ईडी अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान एक निर्माण कंपनी से जुड़े व्यक्ति और पुलिस अधिकारी के बीच कथित संबंधों की भी जांच की जा रही है। फिलहाल संबंधित पुलिस अधिकारी घर पर मौजूद नहीं मिले और एजेंसी उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रही है।
