बिजली दर बढ़ोतरी पर सड़कों पर विरोध तेज
भाजपा ने आंदोलन विस्तार की चेतावनी, विद्युत महाप्रबंधक का घेराव
मुख्य बिंदु:
- बढ़ी बिजली दरों से जनता और किसान परेशान
- प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया
- भाजपा ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी
जमशेदपुर – राज्य में बढ़ी बिजली दरों के खिलाफ जनता और राजनीतिक विरोध तेज हो गया है।
हालांकि बढ़ी हुई बिजली दरों से आम लोग प्रभावित हुए हैं। दूसरी ओर व्यापारियों और उद्योग जगत में भी नाराजगी बढ़ी है।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि कृषि क्षेत्र भी इससे प्रभावित हुआ है। किसानों की आर्थिक स्थिति पर इसका असर पड़ा है।
हालांकि बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान लोग सड़कों पर उतरे। दूसरी ओर कई स्थानों पर प्रदर्शन और विरोध मार्च निकाले गए।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मौजूदा हालात में यह बोझ असहनीय है। उधर उन्होंने सरकार से तत्काल राहत की मांग की।
हालांकि इस विरोध को जनाक्रोश का संकेत माना जा रहा है। दूसरी ओर इसे सरकार के लिए चेतावनी भी बताया गया।
भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे को उठाया है। हालांकि पार्टी ने सरकार पर तीखा हमला बोला।
भाजपा नेताओं ने कहा कि दरें वापस नहीं ली गईं तो आंदोलन बढ़ेगा। दूसरी ओर उन्होंने चेतावनी दी कि जिम्मेदारी सरकार की होगी।
हालांकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने विद्युत महाप्रबंधक का घेराव किया। उधर ज्ञापन सौंपकर मांगें रखी गईं।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि प्रमुख मांगों में दरों की वापसी शामिल है। दूसरी ओर 24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग की गई।
हालांकि जले ट्रांसफार्मर बदलने की मांग उठाई गई। उधर बार-बार कटौती रोकने की भी बात कही गई।
इसके अलावा स्मार्ट मीटर वसूली पर सवाल उठाए गए। दूसरी ओर इसे बंद करने की मांग की गई।
हालांकि राज्य में इस मुद्दे पर राजनीति गरमा गई है। दूसरी ओर आने वाले दिनों में आंदोलन तेज होने के संकेत हैं।



