कोल्हान विश्वविद्यालय में तबादलों पर बवाल, छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना शुरू
चाईबासा: कोल्हान विश्वविद्यालय में प्राचार्यों और प्रोफेसरों के हालिया तबादलों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। शुक्रवार से विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में जुटे छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और निर्णयों को वापस लेने की मांग की।
धरने में शामिल छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन बिना किसी पारदर्शिता के मनमाने तरीके से तबादले कर रहा है, जिससे शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नए कुलपति के पदभार संभालने के बाद से छात्र हितों की अनदेखी हो रही है और केवल प्रशासनिक फैसलों पर जोर दिया जा रहा है।
छात्रों ने यह भी कहा कि स्नातक, स्नातकोत्तर और बीएड जैसे पाठ्यक्रमों का सत्र पहले से ही विलंबित चल रहा है, ऐसे में शिक्षकों के तबादले से पढ़ाई और अधिक प्रभावित होगी। टाटा कॉलेज के प्राचार्य को हटाने और डॉ. अमर कुमार सिंह की नियुक्ति का भी छात्रों ने विरोध जताया।
पश्चिम सिंहभूम छात्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष सनातन पिंगुवा ने कहा कि विश्वविद्यालय में पारदर्शिता की कमी है और प्रशासन अपने फैसले थोप रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
वहीं, टाटा कॉलेज छात्र संघ के पूर्व सचिव पीपुन बारीक ने कहा कि लंबे समय से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों के साथ अन्याय किया जा रहा है। उनका कहना था कि ऐसे फैसलों से न सिर्फ शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि छात्रों के भविष्य पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।
