PF निकासी पर नया नियम: TDS बचाने के लिए अब भरना होगा फॉर्म 121
पुराने फॉर्म 15G-15H हुए खत्म, 1 अप्रैल से EPFO ने लागू किया नया सिस्टम, EPFO द्वारा 13 अप्रैल को जारी किया नया सर्कुलर
कर्मचारी भविष्य निधि (PF) खाताधारकों के लिए टैक्स से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। अब PF से पैसे निकालते समय TDS (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) से बचने के लिए पुराने फॉर्म 15G और 15H मान्य नहीं होंगे। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने इनकी जगह नया फॉर्म 121 लागू किया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुका है।
EPFO द्वारा 13 अप्रैल को जारी सर्कुलर के अनुसार, पहले 60 वर्ष से कम आयु के लोग फॉर्म 15G और वरिष्ठ नागरिक फॉर्म 15H का उपयोग करते थे। अब इन दोनों फॉर्म को हटाकर केवल फॉर्म 121 लागू किया गया है। यह फॉर्म सिर्फ उन खाताधारकों के लिए है, जिनकी पूरे वित्तीय वर्ष में अनुमानित कुल आय पर टैक्स देनदारी शून्य होती है।
इसका मतलब है कि अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय टैक्स छूट की सीमा से कम है, तो वह फॉर्म 121 भरकर PF निकासी पर TDS कटने से बच सकता है। हालांकि, कंपनियां, पार्टनरशिप फर्म और एनआरआई इस फॉर्म के लिए पात्र नहीं हैं।
EPFO ने स्पष्ट किया है कि यह फॉर्म सभी के लिए अनिवार्य नहीं है। केवल वे लोग, जो TDS से बचना चाहते हैं, उन्हें ही यह फॉर्म भरना होगा। वहीं, 1 अप्रैल के बाद यदि किसी ने पुराने फॉर्म 15G या 15H के साथ क्लेम किया है, तो उसे रद्द नहीं किया जाएगा, लेकिन आगे की प्रक्रिया में फॉर्म 121 लेना अनिवार्य होगा।
गौरतलब है कि निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए PF एक अनिवार्य बचत योजना है, जिसमें कर्मचारी अपनी बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत योगदान देता है, जबकि नियोक्ता भी समान राशि जमा करता है। नियोक्ता के हिस्से में से 8.33 प्रतिशत कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है। EPF खाते में जमा राशि पर सरकार द्वारा तय दर से ब्याज भी दिया जाता है।
