बोले- हर दिन लगभग 20 से 25 हजार रुपये का हो रहा था नुकसान , इसी वजह से टेंडर छोड़ना पड़ा, कुछ लोग बेवजह कर रहे दुष्प्रचार
जमशेदपुर : ठेकेदार राजीव राम का दावा है कि टाटानगर रेलवे स्टेशन की पार्किंग टेंडर का कोई भी बकाया नहीं है। उन्होंने सारे पैसे जमा कराए हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि टेंडर रद्द होने का कारण भुगतान न करना नहीं, बल्कि उनका स्वयं का निर्णय था।
राजीव राम ने कहा कि उन्होंने रेलवे को लाइसेंस फीस, बिजली बिल और एमडी मनी समेत सभी जरूरी भुगतान समय पर और नियमित रूप से जमा किए हैं।
उन्होंने बताया कि करीब 9 महीने तक उन्होंने पार्किंग का संचालन किया, जो बिना भुगतान के संभव नहीं है। उनके अनुसार, कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर यह गलत प्रचार कर रहे हैं कि आर्थिक कमजोरी के कारण वे टेंडर नहीं चला पाए।
राजीव राम ने इन आरोपों को खारिज करते हुए खुला चैलेंज भी दिया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति रेलवे के किसी भी अधिकारी से लिखित प्रमाण लाकर यह साबित कर दे कि टेंडर भुगतान न करने के कारण रद्द हुआ, तो वह उसे 1 करोड़ रुपये का इनाम देंगे। इतना ही नहीं, यदि यह साबित हो जाता है कि रेलवे ने उनसे टेंडर छीना है तो वे 5 करोड़ रुपये तक देने को तैयार हैं।
उन्होंने आगे बताया कि प्रतिदिन 20 से 25 हजार रुपये के नुकसान के कारण उन्होंने स्वेच्छा से टेंडर छोड़ा। कुल मिलाकर उन्हें 30 से 40 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ। फिलहाल, वे आगामी री-टेंडर में भाग लेने की तैयारी कर रहे।
