शनिवार शाम थम जाएगा झारखंड निकाय चुनाव प्रचार का शोर, उम्मीदवारों के पास बचे हैं 30 घंटे
जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला समेत पूरे झारखंड में शनिवार को शाम पांच बजे निकाय चुनाव के प्रचार का शोर थम जाएगा। इसके बाद न तो कोई चुनावी सभा होगी न ही जुलूस निकाले जा सकेंगे।
हालांकि वोटिंग से पहले के अंतिम दिन में उम्मीदवार वोटरों को आकर्षित करने के लिए पूरा जोर लगाएंगे। वोटिंग 23 फरवरी को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। इसके चार दिन बाद 27 फरवरी को वोटों की गिनती होगी। चुनाव आयोग ने वोटिंग के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। शनिवार को मतदान दल अपने-अपने तैनाती स्थल के लिए रवाना होने लगेंगे। इधर उम्मीदवार पूरी ताकत लगा रहे हैं। उनके पास महज 30 घंटे बचे हैं।
सत्ता पक्ष की लोकप्रियता का परीक्षण
झारखंड में 48 नगर निकाय चुनाव 23 फरवरी को है। इन निकायों में जमशेदपुर, राजधानी रांची, धनबाद,, बोकारो और देवघर जैसे बड़े शहरों के नगर निगम भी शामिल हैं। नगर निकायों के चुनाव बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन चुनावों के नतीजों से इस बात का परीक्षण होगा कि राज्य में झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाला सत्ताधारी इंडिया गठबंधन जिसमें कांग्रेस सहित कुछ और दल शामिल है, किस स्थिति में है। बीजेपी इस चुनाव में काफी जोर लगा रही है।
बैलेट पेपर से होंगे चुनाव
चुनावों की प्रक्रिया 4 फरवरी को शुरू हुई थी। इसी दिन से उम्मीदवारों के नामांकन दाखिले का सिलसिला शुरू हो गया था। नामांकन पत्रों की जांच के बाद 6 फरवरी तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हुई। इसके अगले दिन 7 फरवरी को उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए गए थे। झारखंड के नगर निकाय चुनाव मत पत्र, यानी बैलेट पेपर के जरिए कराए जा रहे हैं। इस चुनाव में मतदाता को नोटा का विकल्प नहीं मिलेगा। यानी वोटर को चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों में से ही किसी एक को वोट देना होगा। झारखंड में पहली बार नगरीय निकायों में अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), महिलाओं और पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण की व्यवस्था की गई है।
