- टी के कॉर्पोरेट टावर में चार मंजिलों तक वाहनों को खड़ा करने की सुविधा, शहर को मिलेगी ट्रैफिक से राहत
जमशेदपुर :
शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र बिष्टुपुर में लंबे समय से चली आ रही पार्किंग समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मेन रोड स्थित टी के कॉर्पोरेट टावर में झारखंड की पहली बहुस्तरीय एवं बेसमेंट कार पार्किंग सुविधा अब पूरी तरह चालू हो गई है। इस आधुनिक व्यवस्था के शुरू होने से जहां यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है, वहीं आम लोगों को सुरक्षित और व्यवस्थित पार्किंग का विकल्प भी उपलब्ध हुआ है।

चार तलों तक मुफ्त पार्किंग की व्यवस्था
टी के कॉर्पोरेट टावर में दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए चार मंजिलों तक नि:शुल्क पार्किंग की सुविधा दी गई है। इस पार्किंग स्थल का लाभ कोई भी नागरिक बिना शुल्क के उठा सकता है। इससे बिष्टुपुर में खरीदारी, दफ्तर या अन्य आवश्यक कार्यों से आने-जाने वाले लोगों को सीधी राहत मिलेगी।

बेसमेंट पार्किंग भी पूरी तरह सुसज्जित
बहुस्तरीय पार्किंग के अलावा टावर के निचले और ऊपरी बेसमेंट में भी वाहनों के लिए पर्याप्त स्थान बनाया गया है। बेसमेंट को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वाहनों की आवाजाही सहज रहे और किसी प्रकार की भीड़ या अव्यवस्था उत्पन्न न हो। व्यस्त समय और विशेष अवसरों पर यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित होगी।
सुबह 9 से रात 8 बजे तक सुविधा उपलब्ध
यह पार्किंग सुविधा प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। कार्यालय और बाजार के व्यस्त समय में नि:शुल्क पार्किंग उपलब्ध होने से लोग अब सड़क किनारे वाहन खड़े करने से बचेंगे, जिससे ट्रैफिक जाम की समस्या में भी कमी आने की संभावना है।
मेन रोड पर अव्यवस्थित पार्किंग से निजात
बिष्टुपुर मेन रोड पर सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण जाम और दुर्घटनाओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। पैदल चलने वालों को भी इससे परेशानी का सामना करना पड़ता था। नई पार्किंग व्यवस्था के उपयोग से मुख्य सड़क को अव्यवस्था से मुक्त करने में मदद मिलेगी।
शहरी विकास की दिशा में मिसाल
राज्य में पहली बार शुरू की गई इस बहुस्तरीय और बेसमेंट पार्किंग को शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। यह व्यवस्था न सिर्फ जमशेदपुर, बल्कि झारखंड के अन्य शहरों के लिए भी एक आदर्श मॉडल बन सकती है। भविष्य में यदि इसी तरह की पार्किंग सुविधाएं अन्य इलाकों में भी विकसित की जाती हैं, तो शहरी यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार संभव है।
