जमशेदपुर : एक ओर पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला खरसावां और पश्चिम सिंहभूम प्रशासन खनन माफियाओं के खिलाफ अभियान चला रहा है, वहीं जमीनी हकीकत ठीक इसके उलट है। खनन माफियाओं का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। हर पखवारे दो-चार वाहनों को जब्त कर अभियान की इतिश्री कर दी जा रही है।
सूरत-ए-हाल यह है कि अब खनन माफिया अंचलाधिकारी और पुलिस को भी चुनौती दे रहे हैं। बुधवार को पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा प्रखंड में अवैध पत्थर लदे ट्रैक्टर को जब्त करने गई टीम पर खनन माफियाओं ने हमला कर दिया। अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई हुई। और अंतत: ट्रैक्टर छुडाकर ले गए। खानापूर्ति के लिए अंचलाधिकारी डा. राजेन्द्र दास ने पटमदा थाना में तीन अज्ञात पर केस दर्ज कराया है। मुकदमा का फलाफल क्या निकलेगा, यह तो भविष्य के गर्त में है।
बीते एक पखवारे में घाटशिला, आदित्यपुर, पोटका इलाके से अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ जिला प्रशासन ने मामला दर्ज कराया है। इस कारोबार में विधिवत एक सिंडिकेट काम कर रहा है। ऐसा भी नहीं है कि खनन विभाग और संबंधित थाना पुलिस को सिंडिकेट की जानकारी नहीं है, जानकारी होने के बाद धड़ल्ले से कारोबार चल रहा है। इस कारोबार में कहीं न कहीं पुलिस और विभाग की मिलीभगत से भी इन्कार नहीं किया जा सकता।
