August 6, 2026
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रेलवे की नई पेंशन नीति और निजीकरण के खिलाफ आंदोलन तेज, युवा रेलकर्मियों से जुड़ने की अपील

रेलवे की नई पेंशन नीति और निजीकरण के खिलाफ आंदोलन तेज, युवा रेलकर्मियों से जुड़ने की अपील

बिलासपुर में एनएफआईआर के तीन दिवसीय वार्षिक अधिवेशन में उठी पुरानी पेंशन बहाली और निजीकरण रोकने की मांग

यूनियन की प्रमुख मांगें:

बैठक में यूनियन ने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं:

  • एलडीसी को ओपन टू ऑल किया जाए
  • रेलवे का निजीकरण बंद किया जाए
  • 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट शीघ्र जारी की जाए
  • न्यूनतम वेतन के आधार पर वेतन निर्धारण किया जाए
  • टिकट चेकिंग स्टाफ को रनिंग स्टाफ का दर्जा दिया जाए
  • ट्रैक मेंटेनर्स को 4200 ग्रेड पे लागू किया जाए
  • लोको पायलट का एंट्री ग्रेड पे 2800 रुपये किया जाए
  • एस एंड टी कर्मचारियों से 24 घंटे कार्य लेना बंद किया जाए
  • निंग स्टाफ के माइलेज में 25% वृद्धि की जाए
  • नई पेंशन योजना समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए
  • 12 घंटे ड्यूटी के बजाय 8 घंटे कार्य व्यवस्था लागू हो
  • जोखिम भरे कार्य करने वाले कर्मचारियों को रिस्क एवं हार्डशिप अलाउंस दिया जाए

चक्रधरपुर। नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेंस (एनएफआईआर) का तीन दिवसीय वार्षिक अधिवेशन बिलासपुर में राष्ट्रीय अध्यक्ष गुमान सिंह और महासचिव डॉ. एम. राघुवैया की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अधिवेशन में भारतीय रेल के विभिन्न जोनों और उत्पादन इकाइयों से आए कर्मचारियों ने भाग लिया।

बैठक में नई पेंशन योजना (एनपीएस) का विरोध, रेलवे में बढ़ते निजीकरण पर चिंता और पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को पुनः लागू करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। महासचिव डॉ. राघुवैया ने युवा रेलकर्मियों से आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि भारतीय रेल में कार्य की परिस्थितियां अत्यंत चुनौतीपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन रेलकर्मियों की जान जा रही है, जो चिंता का विषय है, इसलिए सुरक्षा श्रेणी के रिक्त पदों को तुरंत भरा जाना चाहिए और कर्मचारियों को तनावमुक्त कार्य वातावरण मिलना चाहिए।

दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने भी अपनी बात रखते हुए महासचिव एस.आर. मिश्रा ने कहा कि खड़गपुर मंडल में करीब 200 सहायक लोको पायलट के पद सुरक्षा से सीधे जुड़े हैं, लेकिन इन पदों को भरा नहीं जा रहा है, जिससे कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने सरकार से इन पदों को जल्द भरने की मांग की।

अधिवेशन के सफल आयोजन के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे मजदूर कांग्रेस के पदाधिकारियों को बधाई दी गई।

बैठक के दौरान यूनियन ने कई महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं। इनमें एलडीसी पद को ओपन टू ऑल करने, रेलवे के निजीकरण पर रोक लगाने, 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट शीघ्र जारी करने, न्यूनतम वेतन के आधार पर वेतन निर्धारण करने, टिकट चेकिंग स्टाफ को रनिंग स्टाफ का दर्जा देने और ट्रैक मेंटेनर्स को 4200 ग्रेड पे लागू करने की मांग शामिल है।

इसके अलावा लोको पायलट का एंट्री ग्रेड पे 2800 रुपये करने, सिग्नल एंड टेलीकॉम कर्मचारियों से 24 घंटे काम लेने की व्यवस्था समाप्त करने, रनिंग स्टाफ के माइलेज में 25 प्रतिशत वृद्धि करने, नई पेंशन योजना को समाप्त कर पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, 12 घंटे की ड्यूटी खत्म कर 8 घंटे की ड्यूटी लागू करने और जोखिम भरे कार्य करने वाले कर्मचारियों को रिस्क एवं हार्डशिप अलाउंस देने की मांग भी उठाई गई।

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