गोवा में टेल्स ऑफ कामसूत्र फेस्टिवल पर घमासान, महिला संगठनों ने जताया जोरदार विरोध, प्राथमिकी दर्ज करने की मांग

मडगांव : देश के कुछेक राज्यों में पाश्चात्य संस्कृति को लेकर आवाज मुखर होने लगा है। कई संगठन सनातन संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं वहीं, गोवा में विशेषकर महिलाएं एक आयोजन का जोरदार विरोध कर रही है।

गोवा महिला मंच (GWF) ने 25 से 28 दिसंबर तक गोवा में आयोजित होने वाले प्रस्तावित कार्यक्रम कामसूत्र की कहानियां (Tales of Kamasutra) और क्रिसमस उत्सव’ पर आपत्ति जताई है। महिला मंच ने पर्यटन विभाग से इस तरह के कार्यक्रम पर कार्रवाई की मांग की है और एफआईआर दर्ज करने को कहा है।

गोवा में आयोजन को लेकर जमकर विवाद शुरू हो गया है। दो महिला संगठनों ने 25-28 दिसंबर को प्रस्तावित ‘कामसूत्र की कहानियां और क्रिसमस उत्सव कार्यक्रम का कड़ा विरोध किया है। महिला संगठनों ने अधिकारियों से इसकी जांच करने और इन कार्यक्रमों को रोकने का आह्वान किया है। महिला (GWF) और बैलांचो एकवॉट ने इस कार्यक्रम के खिलाफ अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं। उनका दावा है कि इससे राज्य की एक परिवार-अनुकूल पर्यटन स्थल के रूप में प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचेगा और सेक्स पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

वीमेन फेडरेशन ने लिखा लेटर

पर्यटन निदेशक केदार नाइक को लिखे एक पत्र में गोवा वीमेन फेडरेशन ने कहा कि इस कार्यक्रम का प्रचार एक संगठन कर रहा है। इस संगठन का नाम Bhagwan Shree Rajneesh Foundation है। दावा है कि यह फाउंडेशन रजनीश ओशो से जुड़ा है। संगठन कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है कि हर एक प्रतिभागी से आवास और भोजन के लिए 25,000 रुपये वसूल रहा है।

जांच की मांग

पत्र में महिला संगठन ने लिखा है कि हम आपसे तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हैं, एफआईआर दर्ज करके इस ‘भगवान श्री रजनीश फाउंडेशन’ के पूर्ववर्तियों का पता लगाने के लिए एक पूर्ण जांच शुरू करें। इसके अलावा इस प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए स्थल की पहचान करके। उस पर रोक लगाएं। बैलानचो एकवॉट ने कहा कि यह कार्यक्रम धार्मिक स्वतंत्रता का हनन और कैथोलिक परंपरा पर हमला है।

गोवा की छवि धूमिल करने का आरोप

पर्यटन विभाग के निदेशक केदार नाइक को लिखे एक पत्र में, GWF की संयोजक लोर्ना फर्नांडीस ने गोवा में इस प्रकार की गतिविधियों को बढ़ावा दिए जाने की कड़ी निंदा की है क्योंकि इससे गोवा को ‘सेक्स पर्यटन स्थल’ के रूप में पेश किया जाएगा और एक पारिवारिक पर्यटन स्थल के रूप में गोवा की छवि को गंभीर रूप से प्रभावित किया जाएगा।

GWF के पत्र की प्रतियां मुख्य सचिव, जिला कलेक्टरों, गोवा पुलिस के पुलिस अधीक्षकों, गोवा राज्य महिला आयोग की प्रमुख और ARZ निदेशक को भेजी गई हैं।

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