सरायकेला: श्री जगन्नाथ मंदिर सरायकेला के प्रांगण में आयोजित पांच दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सह ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन (सोमवार) कथा सुनने को भारी भीड़ उमड़ी।
ओडिशा, पुरी धाम से आए कथावाचक पंडित रत्नाकर नायक जी महाराज ने कहा कि भागवत कथा में भगवान विष्णु के विविध अवतारों का प्रसंग है। कहा कि जिसके जीवन में भक्ति भाव आ जाएगा उसका जीवन संवर जाएगा।
सोमवार को पंडित रत्नाकर नायक जी ने वामन अवतार और विष्णु भगवान के परम भक्त प्रहलाद की कहानी का रसपान भक्तों को कराया। उन्होंने भागवत प्रेमियों को बताया कि कि वामन अवतार कथा अनुसार एक बार देवों और दैत्यों में युद्ध हो गया। इस युद्ध में देवता, दैत्य बली से युद्ध हार गए। इसके बाद देवों के राजा इन्द्र भगवान विष्णु की शरण में पहुंचे, तब भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी के दिन अदिति के गर्भ से विष्णु भगवान अवतार लेते हैं तथा ब्राह्मण-ब्रह्मचारी का रूप धारण करते हैं। अपनी शरण मे आये हुए सभी देवताओं की रक्षा करते है।
दूसरी कथा प्रह्लाद भक्त की आती है, मां के गर्भ में ही भक्ति के संस्कार ग्रहण कर लिए थे। नारद जैसे परम भागवत का सान्निध्य मिलने पर दैत्यकुल में जन्म लेते हुए भी प्रह्लाद बचपन से ही भक्त हो गए।
श्री जगन्नाथ सेवा समिति सरायकेला के तत्वावधान में आयोजित इस भागवत कथा प्रवचन कार्यक्रम के आयोजन में सेवा समिति के अध्यक्ष राजा सिंहदेव, सचिव पार्थसारथी दाश, कोषाध्यक्ष शंकर सतपथी, बादल दुबे, सुशांत महापात्र, चिरंजीवी महापात्र, चित्रा पटनायक, सुदीप पट्टनायक, चन्द्र शेखर कर, प्रशांत महापात्र, राजेश मिश्रा, गणेश सतपथी, परशुराम कबि, सुमित महापात्र, सीपु महांती, दिपेश रथ, तुषार दुवे, रीता दुवे के अलावा जगन्नाथ मंदिर के पुजारी पंडित श्री ब्रह्मानंद महापात्र और पंडित श्री घासी सतपथी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।

