रांची : रांची के पूर्व उपायुक्त छवि रंजन आखिरकार 893 दिनों बाद जेल से बाहर आ गए हैं। सेना और चेशायर होम जमीन घोटाले में मनी लाउंड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार छवि रंजन को सुप्रीम कोर्ट ने सशर्त जमानत दी है। सोमवार को वह बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार से बाहर निकले। ईडी ने उन्हें 4 मई 2023 को गिरफ्तार किया था और तब से वे न्यायिक हिरासत में थे।
सुप्रीम कोर्ट से मिली सशर्त जमानत के तहत छवि रंजन को अब हर सुनवाई की तारीख पर कोर्ट में खुद मौजूद रहना होगा और देश छोड़ने से पहले कोर्ट से इजाजत लेनी होगी। सोमवार को उन्होंने पीएमएलए कोर्ट में दो बेल बॉन्ड भरे —प्रत्येक एक- एक लाख रुपये का। जमानतदार उनकी पत्नी और एक रिश्तेदार बने हैं।
छवि रंजन को चेशायर होम जमीन घोटाले में पहले ही जमानत मिल चुकी थी, लेकिन उन्होंने उसका लाभ नहीं लिया था। अब जब सुप्रीम कोर्ट ने सेना जमीन घोटाले में भी राहत दी है, तो वे आखिरकार आजाद हवा में सांस ले पा रहे हैं। हालांकि मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है। कानूनी लड़ाई अभी जारी है और अब सबकी नज़र इस पर है कि क्या छवि रंजन अपने ऊपर लगे आरोपों से खुद को निर्दोष साबित कर पाएंगे।
भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2011 बैच के अधिकारी
छवि रंजन ने अपनी स्कूलिंग जमशेदपुर के सेंट मेरिज हिन्दी हाई स्कूल और विद्याभारती चिन्मय विद्यालय से की है। उसके बाद उन्होंने फिजिक्स में मास्टर की डिग्री हासिल की।
