जमशेदपुर : घाटशिला उप चुनाव में हिस्सा लेने के लिए पहले दिन सोमवार को चार लोगों ने नामांकन प्रपत्र खरीदे। पर्चा खरीदने वालों में सबसे चर्चित नाम झामुमो के टिकट के प्रबल दावेदार सोमेश चंद्र सोरेन हैं। स्व. रामदास सोरेन के बड़े पुत्र सोमेश के नाम की घोषणा झामुमो ने अभी तक नहीं की है।
15 अक्तूबर को रांची में होने वाली पार्टी की केन्द्रीय समिति की बैठक में इस पर निर्णय लिए जाने की चर्चा है। ऐसे में सोमेश की बेचैनी ने राजनीतिक हलके में तरह-तरह की चर्चाओं को तेज हवा दे दी है। माना जा रहा है कि सोमेश ने पार्टी नेतृत्व को संकेत दे दिया है कि अगर उन्हें टिकट नहीं मिला, तो वे निर्दलीय भी लड़ सकते हैं। ऐसे में झामुमो नेतृत्व के लिए अब समस्या पैदा हो सकती है।
माना जा रहा है कि सोमेश के टिकट पर संशय इसलिए पैदा हो गया, क्योंकि उनके चचेरे भाई विक्टर सोरेन ने भी दावेदारी पेश कर दी है। पार्टी के अंदरखाने यह चर्चा जोरों पर थी कि दोनों भाइयों में से एक को चुनने की नौबत आने से बेहतर है कि रामदास सोरेन की विधवा और सोमेश की मां सूरजमनी सोरेन को टिकट दे दिया जाय। परंतु लगता है सोमेश को यह प्रस्ताव भी पसंद नहीं है। इसी वजह से तो उन्होंने दबाव की राजनीति का दांव खेला है। अब देखना है कि वे पर्चा कब भरते हैं। पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी की घोषणा का इंतजार करेंगे या पहले ही नामांकन कर देंगे।
इधर सियासी हलके में खूब इस मामले की चर्चा हो रही है।
सोमवार को इन्होंने खरीदे पर्चे
रामकृष्ण कान्ति माहली, ग्राम लाटिया, पो. बदिया, थाना मुसाबनी
परमेश्वर टुडू, ग्राम बाघुड़िया, भुरूडांगा टोला, केशरपुर, थाना गालूडीह
नारायण सिंह, ग्राम उल्दा, पो. महुलिया, थाना गालूडीह
सोमेश चन्द्र सोरेन, ग्राम घोड़ाबांधा, थाना गोविंदपुर
