झारखंड राजनीति में बड़ी हलचल, इरफान अंसारी- सी पी सिंह के बीच बयानबाजी बनी सियासी बहस का मुद्दा

== अहम सवाल ; सम्मान की राजनीति या जातिगत तंज
== इरफान अंसारी ने लिखा भावनात्मक पत्र
== सीपी सिंह ने मंत्री को दिया तीखा जवाब

रांची: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर तीखे शब्दों की जंग छिड़ गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी द्वारा भाजपा के वरिष्ठ नेता और रांची विधायक सी.पी. सिंह को लिखा गया भावनात्मक पत्र, अब सियासत का नया हथियार बन गया है।

इस पत्र में जहां डॉ. अंसारी ने भाजपा पर स्वर्ण नेताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया, वहीं सी.पी. सिंह ने जवाब में कांग्रेस पर राष्ट्रविरोधी सोच और अंसारी की राजनीति को ‘ओछी’ करार दिया।

पहला पत्र: इरफान अंसारी का भावनात्मक हमला, पूछा– क्या भाजपा में सवर्ण होना गुनाह है?
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सबसे पहले सोशल मीडिया के माध्यम से सी.पी. सिंह के नाम एक भावनात्मक और तीखा पत्र लिखा। इसमें उन्होंने सिंह को “पिता तुल्य” और “मार्गदर्शक” बताया, पर साथ ही भाजपा नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए।

उनका कहना था कि आपको नेता प्रतिपक्ष बनना चाहिए था, नहीं बनाया गया। आपको प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहिए था, लेकिन वह भी नहीं हुआ। क्या यह सिर्फ संयोग है या भाजपा अब स्वर्ण समाज को हाशिये पर रखना चाहती है?”

डॉ. अंसारी ने यह भी लिखा कि भाजपा में अगर वफादारों को ही किनारे किया जाना है, तो सोचने की जरूरत है कि क्या विचारधारा से बड़ा अब जाति हो गया है?”

उन्होंने पत्र के अंत में यह कहकर सबको चौंकाया है कि जहां सम्मान न मिले, वहाँ रुकने का क्या मतलब?”

जवाबी प्रहार: सी.पी. सिंह का करारा वार – मैं बिकाऊ नहीं हूं, निष्ठा ही मेरी पहचान
इरफान अंसारी के पत्र का जवाब भी उतना ही तीखा और व्यक्तिगत था। सी.पी. सिंह ने अपने लंबे जवाबी पत्र में अंसारी को न सिर्फ राजनीतिक तौर पर नसीहत दी है, बल्कि कांग्रेस पार्टी को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है।

उन्होंने लिखा कि मैंने कभी पद की लालसा नहीं की। भाजपा ने मुझे कार्यकर्ता से लेकर मंत्री तक सब कुछ दिया। आज भी मेरे लिए सबसे बड़ा पद भाजपा कार्यकर्ता होना है।

सिंह ने अंसारी के ‘जातिगत उपेक्षा’ के आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि भाजपा में व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी निष्ठा और कर्मठता से होता है, जाति से नहीं। और अगर आप सच में सवर्णों के हितैषी हैं, तो इस्तीफा दें और किसी सवर्ण विधायक को अपनी जगह मंत्री बनवाइए।

उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए लिखा है कि जिस कांग्रेस ने आपको कोलकाता में जेल भिजवाया, आप आज उसी पार्टी में आत्मसम्मान गिरवी रखे बैठे हैं। यही आपके चरित्र का परिचय है।”

सिंह ने अंत में यह भी लिखा कि आपके विभाग की हालत खराब है। बेहतर होगा कि बयानबाज़ी छोड़कर स्वास्थ्य व्यवस्था सुधरवाइए। मुझे पता है ये आपके बस का नहीं है, पर कोशिश करने में क्या हर्ज है।

राजनीति या रणनीति?
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो यह वाक्य युद्ध केवल व्यक्तिगत आक्रोश नहीं है, बल्कि झारखंड की बदलती राजनीतिक हवा का भी संकेत है। जहां डॉ. अंसारी भाजपा की अंदरूनी रणनीति पर जातिगत हमला बोल रहे हैं, वहीं सी.पी. सिंह विचारधारा की आड़ में आत्मसम्मान की रक्षा की बात कर रहे हैं।

यह घटनाक्रम सिर्फ एक पत्र और जवाब तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि झारखंड की राजनीति में बड़े बदलावों की भूमिका तैयार कर सकता है।

प्रमुख सवाल जो सामने आए
क्या भाजपा वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा कर रही है, जैसा कि अंसारी ने आरोप लगाया?
क्या कांग्रेस, भाजपा के भीतर असंतोष को अपने हक में भुनाना चाहती है?
क्या सी.पी. सिंह जैसे नेता, जिन्हें कभी पार्टी की रीढ़ माना जाता था, अब हाशिए पर हैं?
शब्दों की इस जंग के गहरे राजनीतिक मायने
जहां एक ओर इरफान अंसारी सम्मान की राजनीति की बात कर रहे हैं, वहीं सी.पी. सिंह विचारधारा की रक्षा में सख्त लहजे में चेतावनी देते दिख रहे हैं। यह लड़ाई व्यक्तिगत लग सकती है, लेकिन इसके सियासी प्रभाव आने वाले समय में झारखंड की राजनीति में गूंज सकते हैं।

Join Our Newsletter

यह भी पढ़ें

रांची के जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड का खुलासा, मौज-मस्ती के लिए गार्ड की हत्या कर लूटे ₹3 लाख,तीन आरोपी गिरफ्तार

रांची: राजधानी रांची के धुर्वा स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर में हुए सनसनीखेज हत्याकांड और लूट मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मंदिर...

जमशेदपुर में महायज्ञ के दौरान महिला की चेन चोरी, मची अफरा-तफरी

जमशेदपुर: गोलमुरी थाना क्षेत्र के केबुल बस्ती में आयोजित लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के दौरान चोरी की एक घटना ने श्रद्धालुओं में हड़कंप मचा दिया।...

अभिमत

ज़िद

ज़िद है आगे बढ़ने की,सबको पीछे छोड़करनया इतिहास गढ़ने की। ज़िद है मज़बूत बनने की,हर मुश्किल का सामना करने की,गिरकर भी हौसला बनाए रखने की। ज़िद...

जमशेदपुर में विंटर फेस्ट के तहत “जैम एट स्ट्रीट” बना आकर्षण का केंद्र, कलाकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन कर खूब वाहवाही बटोरी

जमशेदपुर : जमशेदपुर के विंटर फेस्ट के तहत "जैम एट स्ट्रीट" (Jam@Street) एक बड़ा आकर्षण बना, जहाँ बिस्टुपुर की सड़कों पर संगीत, नृत्य, योग,...

संपादक की पसंद

महिला आरक्षण पर मेयर सुधा गुप्ता का केंद्र पर हमला, बोलीं– “यह महिलाओं के साथ राजनीतिक धोखा”

जमशेदपुर: जमेयर सुधा गुप्ता ने महिला आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण के नाम पर देश...

कार सीखते समय अनियंत्रित हुई गाड़ी, बाइक सवार घायल

जमशेदपुर के आजादनगर में कार सीखते समय हादसा हुआ, अनियंत्रित वाहन बाइक पर चढ़ा और एक व्यक्ति घायल हो गया, पुलिस ने चालक को हिरासत में लिया।

Feel like reacting? Express your views here!

यह भी

आपकी राय

अन्य समाचार व अभिमत