जमशेदपुर : विजयादशमी के पावन अवसर जमशेदपुर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में गुरुवार को सिंदूर खेला का आयोजन किया गया। लाखों महिला श्रद्धालुओं ने पूंजा पंडालों में मां दुर्गा को विदाई दी और सौहार्द, शक्ति और नारी एकता का उत्सव मनाया। यह परंपरा विशेषकर बंगाल, झारखंड, बिहार, ओडिशा और असम के दुर्गा पूजा पंडालों में देखने को मिलती है।
क्या है सिंदूर खेला ?
क्या सिंदूर खेला एक पारंपरिक रस्म है। इसका रिवाज ज्यादा बंगाली समुदाय में है लेकिन जमशेदपुर ही नहीं अब लगभग प्रत्येक शहर में अब सभी महिलाएं इसमें शामिल होती हैं। यह विजयादशमी के दिन ही होती है। इस दिन विवाहित महिलाएं पहले मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करती हैं। उसके बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सौभाग्य, शक्ति और समृद्धि की कामना करती हैं। यह रस्म न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि महिलाओं के बीच आपसी एकता और सहयोग की भावना को और मजबूत करती है।
