झारखंड में J-TET के बिना शिक्षकों की नियुक्ति पर हाईकोर्ट की रोक, मार्च 2026 तक परीक्षा कराने का निर्देश
रांची | झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (J-TET) के आयोजन के बिना सहायक आचार्यों (शिक्षकों) की नियुक्ति प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है।
यह फैसला 402 अभ्यर्थियों द्वारा दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति आनंद सेन की एकल पीठ ने गुरुवार को सुनाया।
मार्च 2026 तक J-TET कराने का निर्देश
सुनवाई के दौरान शिक्षा सचिव को तलब करते हुए अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) के माध्यम से मार्च 2026 तक J-TET का आयोजन सुनिश्चित किया जाए।
कोर्ट ने कहा कि जब तक परीक्षा आयोजित नहीं हो जाती और उसका परिणाम घोषित नहीं हो जाता, राज्य में सहायक आचार्य के शेष रिक्त पदों पर कोई नियुक्ति नहीं की जाए।
नियुक्त अभ्यर्थियों पर आदेश का असर नहीं
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन अभ्यर्थियों की पहले ही नियुक्ति हो चुकी है, वे इस आदेश से प्रभावित नहीं होंगे।
नए नियुक्ति विज्ञापन पर भी लगी रोक
इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि जब तक J-TET का आयोजन नहीं होता, राज्य सरकार शिक्षक नियुक्ति के लिए कोई नया विज्ञापन जारी न करे।
हाईकोर्ट ने पिछले नौ वर्षों से J-TET न कराए जाने पर गहरी नाराजगी जताई।
याचिकाकर्ताओं की ओर से उठाए गए तर्क
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता अपराजिता भारद्वाज और कुशल कुमार ने अदालत के समक्ष बहस करते हुए कहा कि लंबे समय से परीक्षा आयोजित न होने के कारण योग्य अभ्यर्थी शिक्षक नियुक्तियों से वंचित रह जा रहे हैं।
25 वर्षों में केवल दो बार हुई परीक्षा
गौरतलब है कि झारखंड राज्य गठन के बाद 25 वर्षों में अब तक J-TET सिर्फ दो बार आयोजित की गई है—पहली बार वर्ष 2013 में, जिसमें 68,000 अभ्यर्थियों ने सफलता पाई थी। दूसरी बार 2016 में, जिसमें 53,000 उम्मीदवार पास हुए थे।
2024 में निकला था विज्ञापन, बाद में रद्द
वर्ष 2024 में J-TET के लिए एक विज्ञापन जारी किया गया था और जुलाई-अगस्त में आवेदन भी आमंत्रित किए गए। करीब 3.65 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
हालांकि, जून 2025 में नियमावली में संशोधन के आधार पर यह विज्ञापन रद्द कर दिया गया।
राज्य शिक्षा विभाग की ओर से गठित विशेष समिति की रिपोर्ट के अनुसार, नई नियमावली बनने तक परीक्षा की प्रक्रिया को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया था।
अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार पर मार्च 2026 तक J-TET आयोजित कराने की कानूनी जिम्मेदारी आ गई है, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को एक बार फिर शिक्षक बनने का मौका मिल सकेगा।
