जमशेदपुर के जुबिली पार्क में गरीबों पर लाठियाँ बरसीं, टाटा स्टील यूआईएसएल के सुरक्षा कर्मियों पर गुंडागर्दी का आरोप
–तीन दशक से रोजगार चला रहे झालमुढ़ी विक्रेताओं को बेरहमी से पीटा
–सांसद विद्युत महतो ने बताया अमानवीय, दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा
मुख्य बिंदु
सुरक्षा कर्मियों ने विक्रेताओं पर बरसाईं लाठियां, गालियों से किया अपमान
सांसद से मिले विक्रेता, कहा: पेट पर लात मार रही टाटा स्टील यूआईएसएल
भाजपा प्रतिनिधिमंडल को भेजा गया घटनास्थल पर
दोषियों पर कार्रवाई और भविष्य में सुरक्षा का मिला आश्वासन
जमशेदपुर |
टाटा स्टील की सहायक इकाई टाटा स्टील यूआईएसएल (पूर्व में जुस्को) के सुरक्षा कर्मियों की मनमानी और कथित गुंडागर्दी ने शुक्रवार को जुबिली पार्क में नया विवाद खड़ा कर दिया।
तीन दशक से अधिक समय से पार्क में झालमुढ़ी बेचकर जीवन यापन कर रहे दर्जनों गरीब विक्रेताओं को सुरक्षा कर्मियों ने लाठी से पीट दिया और जबरन खदेड़ दिया।

पीड़ित विक्रेताओं का आरोप है कि यूआईएसएल के कर्मचारी अजय यादव और रंजन झा ने गाली-गलौज करते हुए महिलाओं के साथ भी अभद्र व्यवहार किया। इस घटना से आक्रोशित विक्रेता साकची स्थित जिला कार्यालय पहुंचे और न्याय की मांग करते हुए विस्तृत शिकायत दर्ज कराई।
सांसद को सुनाई आपबीती, कार्रवाई का मिला आश्वासन
इसी दौरान, जिला कार्यालय में चल रहे सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम में पहुंचे जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो को विक्रेताओं ने अपनी पीड़ा सुनाई।
सांसद ने घटना को ‘गरीबों की रोजी-रोटी पर हमला’ बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की और तत्काल भाजपा नेताओं की टीम को मौके पर भेजने का निर्देश दिया।
भाजपा नेताओं की टीम करेगी जुस्को से बातचीत
सांसद के निर्देश पर भाजपा व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक नीरज सिंह, जिला उपाध्यक्ष संजीव सिन्हा, मीडिया प्रभारी प्रेम झा, भाजयुमो जिलाध्यक्ष नीतीश कुशवाहा, चिंटू सिंह और शैलेश गुप्ता को मौके की स्थिति जानने भेजा गया।
नीरज सिंह ने कहा कि यह कार्रवाई न केवल अमानवीय है, बल्कि गरीबों के खिलाफ अन्यायपूर्ण भी है। उन्होंने कहा कि वे टाटा स्टील यूआईएसएल के वरीय अधिकारियों से मिलकर दोषी कर्मियों पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करेंगे और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में झालमुढ़ी बेचने वालों को परेशान न किया जाए।
गरीबों पर लाठी, क्या यही है स्मार्ट सिटी?”
विक्रेताओं ने सवाल उठाया कि आखिर तीन दशकों से शांतिपूर्वक काम कर रहे लोगों को अचानक इस तरह क्यों निकाला गया? क्या स्मार्ट सिटी के नाम पर गरीबों की आजीविका छीनना ही विकास है?
सांसद ने दिया साथ
सांसद विद्युत महतो ने पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा देते हुए कहा, “गरीबों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। अगर टाटा स्टील यूआईएसएल के कर्मियों ने नियमों का उल्लंघन कर यह कदम उठाया है, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
