जमशेदपुर के मानगो पुल पर हुए हादसे ने किया अलर्ट
जमशेदपुर : मंगलवार को दोपहर में मानगो पुल पर चलती बाइक में आग लगने की घटी घटना एक चेतावनी है कि दोपहिया वाहनों की सुरक्षा को हल्के में न लें।
वैसे भी जमशेदपुर समेत पूरे देश में पिछले कुछ वर्षों में चलती गाड़ियों, विशेषकर दोपहिया वाहनों में अचानक आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
मानगो पुल पर विवेक कुमार की अपाचे बाइक में अचानक आग लगने और देखते ही देखते बाइक के जलकर खाक हो जाने की घटना ने एक बार फिर इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान खींचा है।
बाइक केवल सुविधा का साधन नहीं बल्कि जान से जुड़ी जिम्मेदारी भी है। थोड़ी सी सजगता और नियमित देखभाल से हम चलती बाइक में आग लगने जैसी घटनाओं से बच सकते हैं और सड़क पर अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।
सवाल उठता है कि आखिर चलती बाइक में आग लगने के कारण क्या होते हैं और आम लोग इस तरह की दुर्घटना से कैसे बच सकते हैं?
आग लगने के प्रमुख कारण
शॉर्ट सर्किट और वायरिंग की खराबी
दोपहिया वाहनों में बैटरी से जुड़ी वायरिंग, फ्यूज और कनेक्शन समय पर चेक नहीं होने से अक्सर शॉर्ट सर्किट होता है। तारों में कट या घिसाव होने से भी स्पार्क निकलता है और आग पकड़ लेता है।
फ्यूल लीक होना
पेट्रोल टैंक या फ्यूल पाइपलाइन से ईंधन का रिसाव आग लगने का सबसे बड़ा कारण है। हल्की सी चिंगारी भी लीक हुए पेट्रोल को तुरंत आग में बदल सकती है।
ओवरहीटिंग और इंजन की समस्या
इंजन में तकनीकी खराबी, अत्यधिक ओवरहीटिंग या एग्जॉस्ट पाइप से ज्यादा तापमान भी आग लगने का कारण बनता है।
अवैज्ञानिक मॉडिफिकेशन
आजकल कई युवा बाइकों में एक्स्ट्रा फिटिंग, हाई-पॉवर हेडलाइट या म्यूजिक सिस्टम लगवाते हैं। इनमें से अधिकांश फिटिंग लोकल इलेक्ट्रिशियन द्वारा बिना सुरक्षा मानकों के की जाती है, जिससे इलेक्ट्रिकल फॉल्ट और आग की संभावना बढ़ जाती है।
देखभाल की कमी
समय पर सर्विसिंग न कराने, एयर फिल्टर, फ्यूल पाइप और बैटरी की जांच न करने से गाड़ियों में तकनीकी खराबी का खतरा हमेशा बना रहता है।
बचाव कैसे करें
नियमित सर्विसिंग कराएं
अधिकृत सर्विस सेंटर पर ही बाइक की सर्विसिंग कराएं। वायरिंग, बैटरी और फ्यूल पाइप की जांच हर 6 महीने में कराना जरूरी है।
फ्यूल टैंक की देखभाल
पेट्रोल टैंक से रिसाव को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। छोटी सी लीकेज भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
मॉडिफिकेशन से बचें
अनावश्यक इलेक्ट्रॉनिक मॉडिफिकेशन बाइक की सुरक्षा को खतरे में डालते हैं। अगर कोई अतिरिक्त उपकरण लगवाना हो तो मानक प्रमाणित पार्ट्स का ही इस्तेमाल करें।
फायर सेफ्टी उपकरण
बड़े ट्रकों और कारों की तरह अब कई छोटे फायर एक्सटिंग्विशर भी उपलब्ध हैं। बाइक राइडर्स को इन्हें अपने साथ रखना चाहिए।
सावधानी से ड्राइविंग
अगर अचानक बाइक से धुआं उठे या जलने की गंध आए तो तुरंत बाइक रोकें और इंजन बंद करें। पास में पानी उपलब्ध हो तो आग फैलने से पहले उसका उपयोग करें।
बीमा और सुरक्षा
बाइक का इंश्योरेंस और फायर कवर लेना हमेशा लाभकारी रहता है। इससे हादसे के बाद आर्थिक नुकसान कम होता है।
विशेषज्ञों की राय
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का कहना है कि चलती बाइक में आग लगने के मामले अक्सर लापरवाही और तकनीकी जांच में ढिलाई के कारण सामने आते हैं। उनका मानना है कि अगर लोग समय-समय पर अपनी गाड़ियों का निरीक्षण कराएं, पेट्रोल टैंक और वायरिंग पर ध्यान दें तो ऐसे हादसों को काफी हद तक टाला जा सकता है।
