जमशेदपुर : पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि हमने विश्व आदिवासी दिवस में घोषणा किया था की नगड़ी ग्राम में हल जोतेगे 24 तारीख को। राज्य सरकार को दम है, तो चंपई सोरेन को रोकेगा। उन्होंने कहा कि कोल्हान, संथाल सहित विभिन्न जिलों में इसे रोकने के लिए छावनी बना दिया गया था, लेकिन मरंग गुरू की कृपा से नगड़ी में हमारी जीत हुई। वहां पर हल जोता गया।
चंपई सोरेन ने कहा कि हमने विश्व आदिवासी दिवस में घोषणा किया था की नगड़ी ग्राम में हल जोतेगे 24 तारीख को। राज्य सरकार को दम है, तो चंपई सोरेन को रोकेगा।कहा कि कोल्हान, संथाल सहित विभिन्न जिलों में इसे रोकने के लिए छावनी बना दिया गया था, लेकिन मरंग गुरू की कृपा से नगड़ी में हमारी जीत हुई। वहां पर हल जोता गया।
इस आदिवासी महा दरबार में सरना समिति की उपाध्यक्ष महिला वक्ता निशा उरांव ने भारतीय संविधान प्रदत्त अनुसूचित जनजातियों को सुरक्षा देने वाले अधिकार। रूढ़िवादी प्रथा, पेसा अधिनियम, अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा के अधिकार, जमीन अतिक्रमण, अधिग्रहण तथा धर्मांतरण पर अपने विचार रखे।
उन्होंने कहा कि पेसा कानून को पिछले 15 सालों से लागू करने की लड़ाई लड़ी जा रही थी लेकिन इस लड़ाई में पेसा कानून को लागू करने के स्थान पर छठी अनुसूची के तहत चुनाव कराने की व्यवस्था की मांग हो रही थी। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि तुरंत पेसा कानून लागू किया जाए।



