==राजीव रंजन की अध्यक्षता में समीक्षा, पारदर्शिता बढ़ाने, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और भूमि मामलों के त्वरित निपटारे के निर्देश
JAMSHEDPUR : जमशेदपुर समाहरणालय में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर पेयजल और बिजली आपूर्ति तक कई अहम मुद्दों पर दिशा-निर्देश दिए गए।
समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सेवा प्रदायगी में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा जनसमस्याओं के त्वरित समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि ऑनलाइन, ऑफलाइन और जनसुनवाई के माध्यम से प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं का शीघ्र समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गर्मी के मौसम को देखते हुए उपायुक्त ने बिजली और पेयजल आपूर्ति को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति में किसी प्रकार की बाधा से पेयजल व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को बेहतर समन्वय स्थापित कर वैकल्पिक (बैकअप) व्यवस्था तैयार रखने को कहा गया।
साथ ही सभी प्रखंडों में पेयजल स्रोतों की मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। खराब पड़े हैंडपंप, पाइपलाइन और अन्य जल स्रोतों को जल्द से जल्द दुरुस्त करने तथा गैंगमैन को सक्रिय रखने पर जोर दिया गया, ताकि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो।
उपायुक्त ने क्षेत्रीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कार्यालय कार्यों के निष्पादन के लिए निर्धारित समय तय करें, जिससे आम नागरिकों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े। अनुशासन बनाए रखने के लिए यह भी स्पष्ट किया गया कि बिना पूर्व सूचना और सक्षम अनुमति के कोई भी पदाधिकारी जिला मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे।
उन्होंने पदाधिकारियों को कार्यालय कार्य और फील्ड निरीक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की सलाह दी। नियमित क्षेत्र भ्रमण कर योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का आकलन करने, लाभुकों से संवाद स्थापित करने और लंबित मामलों का समयबद्ध निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
भूमि संबंधी मामलों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि विवाद, म्यूटेशन और अन्य राजस्व मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करें। साथ ही गैर मजरूआ जमीन की अवैध खरीद-बिक्री पर कड़ी निगरानी रखने और ऐसी गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान, एसडीएम धालभूम अर्नव मिश्रा, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, निदेशक एनईपी संतोष गर्ग समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, अभियंता, बीडीओ, सीओ और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
