पूर्व भाजपा प्रमुख ने झारखंड में धान की कीमत 3,200 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की
खरीद केंद्रों पर किसानों को भुगतान की समयसीमा 48 घंटे तय करने का आह्वान
प्रमुख बिंदु:
- भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने धान खरीद दर बढ़ाने की मांग की
- किसानों के बैंक खातों में शीघ्र भुगतान हस्तांतरित करने का अनुरोध
- सीएम हेमंत सोरेन को किसानों से चुनाव पूर्व किये गये वादे की याद दिलायी
चाकुलिया- भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने सरकार से धान अधिप्राप्ति दर बढ़ाने के अपने वादे को पूरा करने का आग्रह किया है.
खरीद आंकड़ों से पता चलता है कि किसान मौजूदा दरों पर बेचने से झिझक रहे हैं। सरकारी आँकड़े खरीद केंद्र गतिविधि में 30% की गिरावट का संकेत देते हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
डॉ गोस्वामी ने सीएम सोरेन के चुनावी वादे का हवाला दिया. झामुमो गठबंधन ने 3,200 रुपये प्रति क्विंटल दर देने की प्रतिबद्धता जताई थी।
इसके अलावा, इस सीजन में राष्ट्रीय धान खरीद दरों में 15% की वृद्धि देखी गई है। अन्य राज्यों ने तेज़ भुगतान प्रणाली लागू की है।
पार्टी गतिविधियाँ
ये मांगें चाकुलिया में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान सामने आईं। जिला अधिकारियों की रिपोर्ट है कि 40% स्थानीय किसान खरीद भुगतान का इंतजार कर रहे हैं।
इसके अलावा, डॉ. गोस्वामी ने एक सदस्यता अभियान भी चलाया। हाल के पार्टी डेटा से पता चलता है कि स्थानीय सदस्यता में 25% की वृद्धि हुई है।
भविष्य की योजनाएं
पार्टी अपने किसान पहुंच कार्यक्रम को तेज करने की योजना बना रही है। कृषि विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस सीजन में धान के उत्पादन में 20% की बढ़ोतरी होगी।
साथ ही भाजपा कार्यकर्ता खरीदी केंद्रों की निगरानी करेंगे। स्थानीय किसान औसत भुगतान में 15-20 दिनों की देरी की रिपोर्ट करते हैं।
