स्मारक स्थल पर श्रद्धांजलि अर्पित की, सौंदर्यीकरण कार्य का आदेश दिया
प्रमुख बिंदु:
- सीएम ने चिन्हित शहीदों के परिवारों के लिए नौकरी लाभ की घोषणा की
- सोरेन ने 1948 में पुलिस गोलीबारी में मारे गए आदिवासियों का सम्मान किया
- उपायुक्त को स्मारक स्थल को बेहतर बनाने का आदेश दिया
रांची – मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1 जनवरी को स्मारक के दौरे के दौरान खरसावां गोलीबारी पीड़ितों के परिवारों के लिए रोजगार लाभ की घोषणा की।
सरकार पहचान प्रक्रिया शुरू करती है। योजनाएं गुआ घटना के शहीदों को दिए गए लाभों को प्रतिबिंबित करती हैं।
ऐतिहासिक संदर्भ
1 जनवरी, 1948 को पुलिस ने आदिवासी प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की। यह घटना सरायकेला-खरसावां विलय विवाद के दौरान हुई थी।
आदिवासियों ने ओडिशा में विलय का विरोध किया. अंधाधुंध गोलीबारी में कई लोग मारे गए.
स्मारक योजनाएँ
डीसी रविशंकर शुक्ला को मिला सौंदर्यीकरण का आदेश. साइट सुधार की योजना बनाई गई.
सीएम ने आदिवासी अधिकार जागरूकता की सराहना की. उन्होंने प्रकृति के साथ उनके संबंध पर प्रकाश डाला।
ऐतिहासिक प्रभाव
यह घटना जलियांवाला बाग हत्याकांड से मिलती जुलती है। हताहतों की सटीक संख्या विवादित बनी हुई है।
कथित तौर पर शवों को खरसावां हाट में दफनाया गया था। कुआँ अभी भी उस स्थान पर मौजूद है।
