August 10, 2026
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भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार समझौता लागू, किसानों समेत छोटे व्यापारियों के लिए बढ़ेंगे मौके : पीयूष गोयल

भारत-ओमान द्विपक्षीय व्यापार समझौता लागू, किसानों समेत छोटे व्यापारियों के लिए बढ़ेंगे मौके : पीयूष गोयल

नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) या द्विपक्षीय व्यापार समझौता सोमवार को लागू हो गया है। इससे भारत के किसानों समेत छोटे व्यापारियों के लिए मौके बढ़ेंगे। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से दी गई।

गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस समझौते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस मिशन में एक निर्णायक मील का पत्थर बताया, जिसका उद्देश्य नए बाजार खोलकर, निर्यात को बढ़ावा देकर, निवेश आकर्षित करके और रोजगार सृजन में तेजी लाकर छात्रों, कारीगरों, महिलाओं, किसानों, मछुआरों और लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए समृद्धि के वैश्विक मार्ग तैयार करना है।

सीईपीए के लागू होने से ओमान में भारत के 99.38 प्रतिशत निर्यात को कवर करने वाली 98 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर तुरंत 100 प्रतिशत शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच प्राप्त हो जाती है, जबकि सीईपीए से पहले की प्रणाली में केवल 15.3 प्रतिशत निर्यात पर शून्य शुल्क पहुंच थी।

गोयल ने कहा कि इससे ओमान में 5 प्रतिशत आयात शुल्क वाले लगभग 3.64 अरब डॉलर के निर्यात वाले सामान अधिक प्रतिस्पर्धी बन जाएंगे।

इस समझौते के बाद, लौह और इस्पात, वस्त्र, चमड़ा, ऑटो कंपोनेंट्स और औद्योगिक उपकरण जैसे छोटे व्यवसायों के प्रभुत्व वाले क्षेत्रों में बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिलने की संभावना है।

उन्होंने कहा, “ओमान को वस्त्र निर्यात में वृद्धि से तिरुपुर, सूरत, लुधियाना, पानीपत, कोयंबटूर, करूर, मुरादाबाद, जयपुर और अहमदाबाद जैसे प्रमुख क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ेगा और रोजगार सृजित होंगे। भारत के कारीगरों और बुनकरों को भी अपने उत्पादों की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय मांग से लाभ होगा।”

इस समझौते के तहत रत्न एवं आभूषण, वस्त्र, चमड़ा, जूते, खेल सामग्री, प्लास्टिक, फर्नीचर, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरण और ऑटोमोबाइल सहित सभी प्रमुख श्रम-प्रधान क्षेत्रों पर पूर्ण शुल्क छूट दी गई है।

भारत अपनी कुल शुल्क श्रेणियों में से 77.79 प्रतिशत पर शुल्क उदारीकरण की पेशकश कर रहा है, जो मूल्य के हिसाब से ओमान से भारत के आयात का 94.81 प्रतिशत है। ओमान को निर्यात के लिए महत्वपूर्ण और भारत के लिए संवेदनशील उत्पादों के लिए, यह पेशकश मुख्य रूप से शुल्क दर कोटा (टीआरक्यू) आधारित है।

अपने हितों की रक्षा के लिए, भारत ने संवेदनशील उत्पादों को बिना किसी रियायत के इस समझौते से बाहर रखा है। इसमें विशेष रूप से कृषि उत्पाद, जिनमें डेयरी, चाय, कॉफी, रबर और तंबाकू उत्पाद शामिल हैं। वहीं, अन्य में सोना और चांदी, आभूषण और श्रम-प्रधान उत्पाद जैसे जूते, खेल सामग्री और कई आधार धातुओं का स्क्रैप शामिल है।

एबीएस

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