जमशेदपुर के मेडिकल कॉलेज छात्रावास की दुर्दशा से सरकार बेखबर
भारी बारिश से छात्र परेशान, स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिले में चिंताजनक स्थिति
प्रमुख बिंदु:
• एमजीएम मेडिकल कॉलेज छात्रावास में बाढ़ जैसी स्थिति
• इमारत धराशाई होने का खतरा, छात्र पलायन को मजबूर
• मेडिकल शिक्षा का भविष्य दांव पर
जमशेदपुर – महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज के छात्रावास में बारिश का पानी घुसने से छात्रों की परेशानी बढ़ गई है।
छात्रावास की इमारत की हालत इतनी खराब है कि कभी भी धराशाई हो सकती है। पूरी इमारत में सीलन की समस्या है, जिससे छात्रावास में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। छात्र धीरे-धीरे छात्रावास छोड़कर जा रहे हैं।
“हम अपनी सुरक्षा के बारे में चिंतित रहते हैं, पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना मुश्किल हो गया है,” एक तीसरे वर्ष के छात्र ने गुमनाम रहते हुए बताया।
मौसम की मार

पिछले चार दिनों से जमशेदपुर में मूसलाधार बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव के कारण चक्रवात उत्पन्न हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है।
रहने की व्यवस्था दयनीय स्थिति में
छात्र प्रबंधन की व्यवस्था से काफी नाराज हैं और रात भर जागकर समय बिता रहे हैं। रसोई क्षेत्र की स्थिति भी बेहद खराब है, जो पूरी तरह से अस्त-व्यस्त है।

कॉलेज प्रशासन और जिला प्रशासन दोनों की ओर से इस मुद्दे पर ध्यान न देना चिंताजनक है। यह स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि यह राज्य के स्वास्थ्य मंत्री का गृह जिला है।
मेडिकल शिक्षा का भविष्य
यह स्थिति नीट में अच्छा प्रदर्शन करने वाले छात्रों को झारखंड में मेडिकल शिक्षा लेने से हतोत्साहित कर सकती है। लंबे समय से रखरखाव की कमी इन समस्याओं का मूल कारण प्रतीत होती है।
सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की जा रही है ताकि भविष्य के डॉक्टरों के लिए रहने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। यह संकट राज्य भर में मेडिकल शिक्षा संस्थानों में बुनियादी ढांचे में सुधार की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।
एमजीएम कॉलेज के छात्रावास की बुरी स्थिति.
