जमशेदपुर के सुप्रसिद्ध कवि को नेपाल में “हिंदी काव्य रत्न” से सम्मानित किया गया
डॉ. प्रतिभा प्रसाद ‘कुमकुम’ को लुम्बिनी में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिंदी कविता प्रतियोगिता में प्रतिष्ठित सम्मान से सम्मानित किया गया।
प्रमुख बिंदु:
– डॉ. प्रतिभा प्रसाद ‘कुमकुम’ को नेपाल में “हिन्दी काव्य रत्न” पुरस्कार मिला।
– इस प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के 6742 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
– कुमकुम को 325 से अधिक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है और उनकी दस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
जमशेदपुर – डॉ. प्रतिभा प्रसाद ‘कुमकुम’ को नेपाल के लुम्बिनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय काव्य प्रतियोगिता में “हिंदी काव्य रत्न” सम्मान से सम्मानित किया गया।
यह प्रतियोगिता हिंदी दिवस 2024 के अवसर पर शब्द प्रतिभा बहुक्षेत्रीय सम्मान फाउंडेशन नेपाल द्वारा आयोजित की गई थी।
इस कार्यक्रम में नेपाल, भारत, अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और तंजानिया सहित कई देशों के 6742 कवियों ने भाग लिया।
इनमें से 675 असाधारण कविताओं को मान्यता के लिए चुना गया।
जमशेदपुर के सुप्रसिद्ध कवि डॉ. प्रसाद ने हिंदी साहित्य, विशेषकर कविता और कहानी विधा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्हें कविता में “छन्दमाला” की अनूठी अवधारणा का श्रेय दिया जाता है तथा छंदबद्ध रचनाओं में उनका विशिष्ट स्थान है।
यह पुरस्कार फाउंडेशन के अध्यक्ष आनंद गिरी मायालू और सचिव चरण कौर द्वारा प्रदान किया गया।
डॉ. प्रसाद को इससे पहले 325 से अधिक पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है और उनकी अब तक दस पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।
वह बहुभाषी साहित्यिक संगठन सहयोग की संस्थापकों में से एक हैं।
यह प्रतिष्ठित सम्मान हिंदी साहित्य जगत में उनकी प्रतिष्ठित स्थिति को और मजबूत करता है।
