बीजेएम जमशेदपुर नेता सुबोध श्रीवास्तव ने “धोखे” के लिए डॉ. अजॉय कुमार की आलोचना की
सुबोध श्रीवास्तव ने भुईयाडीह आवास मुद्दे पर कांग्रेस नेता के बयान को झूठा बताया
पूर्व सांसद डॉ. अजय कुमार को एनजीटी मामले और इंदिरा नगर-कल्याण नगर बस्तियों में ध्वस्तीकरण नोटिस के बारे में भ्रामक दावों के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।
JAMSHEDPUR- भारतीय जनता मोर्चा के जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव ने डॉ. अजॉय कुमार को चुनौती दी है कथन भुईयाडीह आवास संकट को ‘सरासर धोखा’ और “झूठ का पुलिंदा” बताया।
श्रीवास्तव ने आज एक प्रेस बयान जारी कर कांग्रेस नेता और जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के स्वयंभू उम्मीदवार डॉ. अजय कुमार पर इंदिरा नगर-कल्याण नगर बस्तियों से संबंधित ध्वस्तीकरण नोटिस और एनजीटी मामले के बारे में गलत सूचना फैलाने का आरोप लगाया।
डॉ. कुमार के दावों का खंडन करने के लिए भाजमुमो नेता ने कई बिंदु उठाए:
उन्होंने मांग की कि डॉ. कुमार या तो अर्जुन मुंडा का वह पत्र पेश करें, जिसके आधार पर कथित तौर पर एनजीटी में मामला शुरू किया गया था, या फिर गलत बयान देने के लिए माफी मांगें।
श्रीवास्तव ने इस बात पर जोर दिया कि एनजीटी का मामला स्वतः संज्ञान से शुरू किया गया था, जैसा कि मामले के प्रत्येक आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है।
उन्होंने सवाल उठाया कि अपनी शैक्षिक पृष्ठभूमि और कॉर्पोरेट अनुभव के बावजूद डॉ. कुमार, बिना उचित सबूत के मुंडा को क्यों फंसा रहे हैं।
विध्वंस नोटिस पर एनजीटी का रुख
श्रीवास्तव ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कल की सुनवाई के दौरान एनजीटी की कोलकाता पीठ ने स्पष्ट किया कि इंदिरा नगर-कल्याण नगर के मकानों को ध्वस्त करने के नोटिस उनके समक्ष मौजूद मामले से संबंधित नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि इन बस्तियों के लगभग 50 निवासी कोलकाता में सुनवाई में शामिल हुए थे और उन्होंने इस बयान को प्रत्यक्ष देखा था।
भाजमुमो नेता ने एनजीटी के स्पष्ट रुख के बावजूद डॉ. कुमार पर तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करने का आरोप लगाया।
राजनीतिक साख का सवाल
श्रीवास्तव ने डॉ. कुमार के इस आरोप को चुनौती दी कि सरयू राय इस मुद्दे को उठाने का अनुचित श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने पूछा कि जब ध्वस्तीकरण नोटिस प्राप्त हुए तो बस्तियों का सबसे पहले दौरा किसने किया था – सरयू राय ने या अजय कुमार ने।
श्रीवास्तव ने कहा कि यह सर्वविदित है कि रॉय ने ही सबसे पहले यह मुद्दा उठाया था और बाद में कुमार ने भी यही मुद्दा उठाया था।
सत्तारूढ़ पार्टी से कार्रवाई का आह्वान
भाजमुमो नेता ने बताया कि डॉ. कुमार की पार्टी वर्तमान में झारखंड में सत्ता में है।
उन्होंने सुझाव दिया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस करने और दूसरों की आलोचना करने के बजाय, डॉ. कुमार को अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके मुख्यमंत्री, जमशेदपुर के मंत्री या मुख्य सचिव के माध्यम से ध्वस्तीकरण नोटिस वापस लेने या निलंबित करने का काम करवाना चाहिए।
श्रीवास्तव ने कहा कि डॉ. कुमार की सरकार में जमशेदपुर के मंत्री इस मुद्दे पर चुप हैं, जबकि सरकारी अधिकारी लगातार ध्वस्तीकरण नोटिस जारी कर रहे हैं।
उन्होंने डॉ. कुमार पर अपनी पार्टी की सरकार के माध्यम से इस मुद्दे को सुलझाने के बजाय अर्जुन मुंडा और सरयू राय पर दबाव बनाने का आरोप लगाया।
अंतिम प्रहार
श्रीवास्तव ने यह कहते हुए निष्कर्ष निकाला कि जमशेदपुर के लोग स्थिति से अच्छी तरह वाकिफ हैं और डॉ. अजय कुमार और कांग्रेस पार्टी दोनों को जानते हैं।
उन्होंने डॉ. कुमार से या तो अर्जुन मुंडा का कथित पत्र पेश करने या सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा।
भाजमुमो नेता ने डॉ. कुमार के प्रेस कॉन्फ्रेंस बयान को झूठ और धोखे का पुलिंदा बताया तथा उनसे इस तरह की भ्रामक गतिविधियों को बंद करने का आग्रह किया।
